CWC Meeting : राजनीतिक चुनौतियांऔर संगठनात्मक कमजोरियां झेल रही कांग्रेस पार्टी के लिए आज का दिन बेहद अहम रहा. आज सुबह कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई, जो तीन घंटे से ज्यादा समय तक चली. बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की. आज की इस बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, भूपेश बघेल, पंजाब के सीएम और कांग्रेस नेता चरणजीत चन्नी, पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम सहित कई नेतागण मौजूद रहे. इस बैठक में देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, आगामी विधानसभा चुनाव और संगठनात्मक चुनावों पर चर्चा मुख्य रूप से चर्चा हुई है.Also Read - सिद्धू का नया पैंतरा-पहले इस्तीफा, फिर लिया वापस, अब सोनिया गांधी को लिखा खत, मिलना चाहता हूं

अगले साल सितंबर में होगा कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव Also Read - CWC Meeting में सोनिया की असंतुष्ट नेताओं को दो टूक-हां 'मैं ही हूं कांग्रेस की फुल टाइम अध्यक्ष'

दिल्ली में एआईसीसी कार्यालय में  हुई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में संगठनात्मक चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही थी. सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक अगले साल सितंबर में कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होंगे, तबतक पार्टी का कामकाज सोनिया गांधी ही संभालेंगी. बता दें कि आज की यह बैठक पार्टी के असंतुष्ट खेमे की मांग पर बुलाई गई थी. Also Read - पहली प्रेस कांफ्रेंस में भावुक होकर रो पड़े पंजाब के नए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, क्या कहा-देखें VIDEO

पिछले डेढ़ साल से चल रही है नए अध्यक्ष के चुनाव की मांग

कांग्रेस पिछले डेढ़ साल से नए पार्टी अध्यक्ष के चुनाव की मांग से परेशान है, लेकिन विरोधाभास यह है कि यह अवधि वास्तव में पार्टी को निर्धारित चुनावी कैलेंडर 2022 के अंत के करीब लेकर पहुंच गई है. कांग्रेस में पिछला आंतरिक चुनाव 2017 दिसंबर में 5 साल की अवधि के लिए हुआ था, लेकिन राहुल गांधी ने लोकसभा चुनावों में पराजय के बाद मई 2019 में बीच में ही अध्यक्ष पद छोड़ दिया था. उसके बाद से ही सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर पार्टी के सभी कामकाज देख रही हैं.

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का लाइव वीडियो….

जी-23 समूह के नेताओं ने की थी बैठक बुलाने की मांग

कांग्रेस पार्टी की G-23 समूह के नेताओं- गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल ने सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने की मांग की थी, जिसमें गुलाम नबी आजाद ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कहा था कि पार्टी से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए कांग्रेस कार्य समिति की तत्काल बैठक बुलाई जाए.

वहीं, वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान के बीच पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाकर इस स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए और इसके साथ ही संगठनात्मक चुनाव कराए जाने चाहिए.