कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चक्रवात ‘अम्फान’ के खतरे को देखते हुए रेलवे से अनुरोध किया है कि प्रवासी श्रमिकों को बुधवार, बृहस्पतिवार पश्चिम बंगाल वापस न लाया जाए. बता दें कि पश्चिम बंगाल में चक्रवात अम्फान से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की कम से कम 19 टीमों को तैयार रखा गया है. चक्रवाती तूफान तटीय क्षेत्र के एक बड़े हिस्से से बुधवार शाम भारी बारिश के साथ टकरा सकता है. Also Read - पश्चिम बंगाल बीजेपी में बड़ा फेरबदल, प्रदेश उपाध्यक्ष पद से हटाए गए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते

इस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि चक्रवात ‘अम्फान’ से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाये गये हैं. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के तीन तटीय जिलों से कम से कम तीन लाख लोगों को हटाया गया और राहत शिविरों में ले जाया गया. Also Read - अरब सागर में बना दबाव बदल सकता है विकराल चक्रवाती तूफान में, सबसे ज्‍यादा खतरे में मुंबई

ममता बनर्जी ने कहा, “मैं रेलवे से अनुरोध करती हूं कि एहतियात के तौर पर प्रवासी श्रमिकों को बुधवार, बृहस्पतिवार की सुबह पश्चिम बंगाल वापस नहीं लाया जाये.” Also Read - ZEE 24 घण्टा के नूतन दिशा ई-कॉन्क्लेव में बंगाल सरकार के मंत्रियों ने बताया अम्फान और लॉकडाउन के बाद का रोडमैप

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को केंद्र से आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया. राज्य सचिवालय के सूत्रों ने कहा कि शाह ने आज (मंगलवार) सुबह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को फोन किया और उनसे दक्षिण बंगाल के विभिन्न जिलों में की गई व्यवस्था के बारे में विस्तार से बात की. बताया जा रहा है कि शाह ने मुख्यमंत्री को बताया है कि केंद्र चक्रवाती तूफान से संबंधित सभी घटनाओं पर कड़ी नजर रख रहा है.