नई दिल्ली: चक्रवाती तूफान ‘फेनी’ के ‘बेहद तीव्र’ होने की आशंका है, जिससे आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में गुरुवार तक भारी वर्षा होगी. भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार शाम इस बारे में आगाह किया. आईएमडी ने चेतावनी दी है कि चक्रवात से घरों, संचार और बिजली नेटवर्क और रेल व सड़क अवसंरचना को नुकसान होने की संभावना है. साथ ही खड़ी फसलों, बागवानी और नारियल व ताड़ के पेड़ों को भी काफी नुकसान होगा. इसके अलावा जहाजों और बड़ी नौकाओं के लंगर टूटने की संभावना है.

 

आईएमडी ने मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर के गहरे समुद्री क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है. आधिकारिक बयान के अनुसार, कैबिनेट सचिव पी.के. सिन्हा ने स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को फिर से राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक की, और प्रभावित राज्यों में तैयारियों की समीक्षा की. सिन्हा ने निर्देश दिया कि जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए और भोजन, पीने के पानी और दवाओं समेत सभी तरह की आवश्यक आपूर्ति को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं.

खतरनाक तूफान में बदल सकता है चक्रवात फानी, अलर्ट पर एनडीआरए-तटरक्षक बल

राहत व बचाव कार्यों के लिए जहाजों और हेलीकॉप्टरों तैनात
बयान में कहा गया है कि उन्होंने सभी संबंधित पक्षों को सलाह दी कि वे नुकसान की स्थिति में बिजली और दूरसंचार जैसी आवश्यक सेवाओं के रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त तैयारी करें. भारतीय तटरक्षक और नौसेना ने राहत और बचाव कार्यों के लिए जहाजों और हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है, जबकि इन राज्यों में सेना और वायुसेना की इकाइयों को भी तैयार रखा गया है.

21 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा फेनी
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने कुल 41 टीमें तैनात की हैं, जिसमें आंध्र प्रदेश में आठ, ओडिशा में 28 और पश्चिम बंगाल में पांच टीमों को तैनात किया गया है. इसके अलावा, एनडीआरएफ ने पश्चिम बंगाल में 13 और आंध्र प्रदेश में 10 टीमों को तैनात किया है. ‘फेनी’ फिलहाल दक्षिण-पश्चिम में और बंगाल की खाड़ी से सटे दक्षिण-पश्चिम में है. मंगलवार शाम से लगभग 21 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है.