नई दिल्ली: तूफान गाजा की वजह से गुरुवार को तमिलनाडु में भारी बारिश की आशंका जताई गई है. बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती तूफान गाजा के आज कुड्डलूर और पम्बान के बीच पहुंचने की संभावना है. तंजौर, तिरुवरुर, पुडुकोट्टई, नागपट्टिनम, कुड्डलूर और रामनाथपुरम के जिला कलेक्टरों ने गुरुवार को स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है. तूफान के मद्देनजर पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्रों में सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे.वहीं सेना को भी अलर्ट कर दिया गया है. मौसम विभाग ने बताया कि ‘गाजा’ गुरुवार शाम या रात को पम्बान और कुड्डलूर के बीच तटीय क्षेत्र को पार कर सकता है. इस दौरान 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. Also Read - चीन से तनाव: रक्षामंत्री ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों और Chief of Defence Staff की मीटिंग की

तमिलनाडु सरकार पहले ही 30,500 बचावकर्मी तैनात करने की घोषणा कर चुकी है.केंद्रीय जल आयोग ने बांधों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है और इस पृष्ठभूमि में तमिलनाडु के राजस्व मंत्री आर बी उदयकुमार ने संवाददाताओं से कहा कि बांध, झीलें और नदियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. आयोग ने मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की सलाह दी थी क्योंकि तटबंध वाले इलाकों में भारी बारिश बांधों को 24 घंटे से भी कम समय में भर सकती है. सरकार ने तेल विपणन कंपनियों से भी बातचीत की है और उन्हें ईंधन का पर्याप्त भंडार रखने को कहा गया है. Also Read - देश में दूसरे नंबर पर है कोरोना के मामलों में ये राज्‍य, कुल संक्रमित 17 हजार के पार

वहीं भारतीय नौसेना को दक्षिण तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों की ओर बढ़ रहे गाजा चक्रवाती तूफान को देखते हुए बुधवार को हाई अलर्ट कर दिया गया. नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) ने आवश्यक मानवीय सहायता मुहैया कराने के लिए उच्च स्तरीय तैयारी की है. दो भारतीय नौसैनिक जहाज रणवीर और खंजर मानवीय सहायता और संकट राहत के लिए सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए खड़े हैं. इन जहाजों में अतिरिक्त गोताखोर, डॉक्टर, हवा वाली रबड़ की नाव, हेलीकॉप्टर और राहत सामग्री तैयार है. Also Read - तमिलनाडु में Coronavirus के केस 15,000 के पार, मृतकों की संख्या 100 से ज्‍यादा

पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने बुधवार को कराइकल जिले के तिरुनल्लार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और तैयारियों का जायजा लिया. कृषि मंत्री आर कमलाकन्नन, कराइकल के जिला अधिकारी आर केसवन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राहुल अलवाल और लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, बिजली, मत्स्य, दमकल एवं बचाव सेवा विभागों के प्रमुख इस बैठक में शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को राहत सामग्रियों का पर्याप्त भंडार रखने को कहा है.

नारायणसामी ने अधिकारियों से सभी इलाकों में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि अगर जरूरत होगी तो वह इन कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए कराइकल में डेरा डालेंगे. इस बीच नागापट्टनम के जिला अधिकारी सी सुरेशकुमार ने संवाददाताओं को बताया कि जिला प्रशासन ने किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए हैं. उन्होंने बताया कि लोगों को ठहराने के लिए 22 शिविर तैयार हैं. साथ ही उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय में एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है जो 24 घंटे काम करेगा.

(इनपुट-भाषा)