मोंथा तूफान का कहर! तटीय इलाकों में भारी तबाही, एक की मौत, जलभराव से जनजीवन ठप

Cyclone Montha News: भारत के पूर्वी तट पर चक्रवाती तूफान मोंथा ने भारी तबाही मचा दी है. आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई तटीय जिलों में तेज हवाएं, मूसलाधार बारिश और समुद्री लहरों के उफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

Published date india.com Updated: October 29, 2025 8:14 AM IST
मोंथा तूफान का कहर! तटीय इलाकों में भारी तबाही, एक की मौत, जलभराव से जनजीवन ठप

Cyclone Montha Update: चक्रवाती तूफान मोंथा ने भारत के पूर्वी तट पर भारी तबाही मचाई है. आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तूफान के कारण आंध्र में एक महिला की मौत हो गई, जबकि हजारों लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया.

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मोंथा बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के बाद सोमवार देर रात एक गंभीर चक्रवात में तब्दील हुआ. मंगलवार को यह तूफान आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट से टकराया. टकराने के समय हवाओं की रफ्तार 100–110 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जिससे कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए, बिजली खंभे गिर गए और सड़कें जलमग्न हो गईं.

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दी अपडेट

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चक्रवाती तूफान मोंथा को लेकर एक्स पर जानकारी शेयर की है. विभाग ने कहा, ‘गंभीर चक्रवातीय तूफान मोंथा आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ गया है. पिछले छह घंटों में लगभग 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है और अब कमजोर हो गया.’

हजारों लोगों को पहुंचाया राहत शिविरों में

आंध्र प्रदेश के कोनासिया, कृष्णा, बापटला और नेल्लोर जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है. कई तटीय गांवों में समुद्री पानी घरों तक घुस आया. करीब 76,000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया, जबकि 219 राहत कैंप्स की व्यवस्था की. फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. अनुमान है कि लगभग 38,000 हेक्टेयर कृषि भूमि और 1.3 लाख हेक्टेयर बागान को नुकसान पहुंचा है.

स्कूल-कॉलेज किए बंद

वहीं, ओडिशा में भी तूफान का असर साफ दिखाई दे रहा है. गंजाम, मलकानगिरी, कोरापुट और गजपति जिलों में लगातार बारिश और तेज हवाओं से जनजीवन ठप हो गया है. कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुईं और नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाके जलमग्न हो गए. ओडिशा सरकार ने रेड अलर्ट जारी करते हुए स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए हैं.

राहत और बचाव कार्य किए तेज

राज्य सरकारों ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और स्थानीय पुलिस बलों की कई टीमें तैनात की गई हैं. तूफान के कारण रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. कई ट्रेनों को रद्द या उनके रूट बदले गए हैं. कुछ हवाई अड्डों पर उड़ानें रोक दी गई. तटीय इलाकों में बिजली व्यवस्था ठप हो गई है और मोबाइल नेटवर्क भी बाधित हुआ है.

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तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा

IMD का कहना है कि मोंथा तट से टकराने के बाद अब कमजोर पड़ रहा है, लेकिन अगले 24 घंटों तक तेज हवाओं और भारी वर्षा का खतरा बना रहेगा. साथ ही, इसके असर से तेलंगाना, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, बिजली के तारों और पेड़ों से दूर रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें.

मछुआरों को समुद्र में न जाने के निर्देश जारी किए गए हैं. मोंथा भले अब कमजोर पड़ रहा हो, लेकिन उसने यह याद दिला दिया है कि प्राकृतिक आपदाएं एक झटके में सब कुछ बदल सकती हैं. फिलहाल, राहत-बचाव का काम जारी है और सरकारें नुकसान का आकलन कर रही हैं.

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