एजल| भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ मंगलवार को मिजोरम पहुंचे चक्रवात ‘मोरा’ से बिजली और दूरसंचार नेटवर्क बाधित हो गए, मकान क्षतिग्रस्त हो गए और भूस्खलन भी हुआ. बहरहाल, चक्रवात से अभी किसी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है.

रात भर बारिश हुई और तेज हवाएं चली तथा आज बुधवार सुबह भी मौसम ऐसा ही बना रहा. म्यांमार से लगती सीमा पर स्थिति खाव्बुंग गांव में करीब 20 मकान आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त हो गए जबकि सइहा जिले में एक अस्पताल की छत उड़ गई जिससे मरीजों को गलियारे में शरण लेनी पड़ी.

आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बारिश से कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ. उन्होंने कहा कि ज्यादातर सड़क मार्गों पर से अवरोध हटा लिए गए हैं जबकि एजल के दक्षिणी बाहरी इलाके में एक सड़क मार्ग पर से अभी बाधा नहीं हटाई गई है.

दक्षिणी मिजोरम के सेर्कवं गांव में एक पादरी के बंगले पर पेड़ गिर गया. चक्रवात की चेतावनी मिलने के बाद लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई थी क्योंकि चक्रवात से राज्य में बड़े स्तर पर भूस्खलन हो सकता है और बाढ़ आ सकती है.

चक्रवात ‘मोरा’ कल पड़ोसी देश बांग्लादेश पहुंचा था जिससे कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए.