Cyclone Nivar Latest Update: चक्रवाती तूफान ‘निवार’ पुडुचेरी के पूर्व-दक्षिण पूर्व में 380 किमी और चेन्नई से 430 किमी दक्षिण-पूर्व में केंद्रत है. इसके अगले 12 घंटों के दौरान और तेजी से बढ़ने और भीषण रूप लेने की आशंका है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) से प्राप्त जानकारी के आधार पर, मंत्रालय ने कहा कि चक्रवात की पुडुचेरी के आसपास कराईकल और मामल्लपुरम के बीच तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों को पार करने की संभावना है. इस दौरान 100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रफ्तार से हवाएं चलेंगी. हवा 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार को भी छू सकती है.Also Read - भारत के कई हिस्सों में लू का कहर, यूपी के बांदा में तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में ‘‘अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान‘‘ ‘निवार’ के मद्देनजर आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के करीब 1,200 बचावकर्मियों को तैनात किया गया है और 800 अन्य को तैयार रखा गया है. इस चक्रवात के बुधवार शाम आने की संभावना है. Also Read - Delhi में गर्मी का कहर जारी, कल से तीन दिन तक चल सकती है भीषण लू

एनडीआरएफ प्रमुख एस एन प्रधान ने कहा कि वे ‘‘अत्यधिक तीव्रता वाले एवं सबसे भीषण’’ चक्रवाती तूफान के लिए तैयार हैं. यह तूफान पश्चिम बंगाल से दक्षिणी तटरेखा की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हम इस पर करीब से नजर रख रहे हैं और प्रभावित राज्यों से समन्वय स्थापित कर रहे हैं.’ Also Read - Cyclone Asani: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे चक्रवात से भारी बारिश की आशंका, MHA ने तैयारियों का लिया जायजा

प्रधान ने कहा, ‘‘स्थिति तेजी से बदल रही है और यह 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है.’’ उन्होंने बताया कि चक्रवात के कारण पैदा होने वाले हर हालात से निपटने के लिए एनडीआरएफ के 50 दलों को निर्धारित किया गया है. एक एडीआरएफ दल में आमतौर पर करीब 40 बचावकर्मी होते हैं.

प्रधान ने बताया कि तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में कुल 22 दलों को पहले ही तैनात किया जा चुका है और आठ दलों को तैयार रखा गया है. उन्होंने कहा, ‘‘इन 30 दलों में से 12 को तमिलनाडु, सात को आंध्र प्रदेश और तीन को पुडुचेरी में तैनात किया गया है.’’

चक्रवाती तूफान के ऊपर नजदीकी नजर रखी जा रही है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) मुख्यालय, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में स्थित बटालियनों के कमांडेंट, संबंधित राज्य अधिकारियों के साथ समन्वय में हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग पूवार्नुमान और राज्य प्राधिकरणों की आवश्यकताओं को देखते हुए, 22 टीमों (तमिलनाडु में 12 टीमों, पुडुचेरी में तीन टीमों और आंध्र प्रदेश में सात टीमों को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व-तैनात किया गया है. अतिरिक्त आवश्यकता को पूरा करने के लिए टीमों को गुंटूर (आंध्र प्रदेश), त्रिशूर (केरल) और मुंडली (ओडिशा) में रिजर्व रखा गया है.

सभी टीम के पास लैंड फॉल के बाद बहाली के लिए विश्वसनीय वायरलेस और सैटेलाइट संचार, ट्री कटर/पोल कटर हैं. वर्तमान कोविड-19 परि²श्य के मद्देनजर, एनडीआरएफ की टीमें उपयुक्त पीपीई से सुसज्जित हैं.

एनडीआरएफ जिला और स्थानीय प्रशासन के साथ निकट समन्वय में काम कर रहा है. चक्रवात के बारे में जानकारी के लिए सभी नागरिकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है कि क्या करना है – क्या नहीं करना है और प्रभावित क्षेत्रों में कोविड-19 और इसे रोकने के उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है.

सभी तैनात दल चक्रवात से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालने में स्थानीय प्रशासन की सहायता कर रहे हैं. एनडीआरएफ, समुदाय के बीच सुरक्षा की भावना फैला रहा है कि एनडीआरएफ टीमें आपकी सेवा में उपलब्ध हैं और जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक क्षेत्र में मौजूद रहेगी, ताकि जनता घबराए नहीं.