चक्रवात ‘तौकते’ की वजह से गोवा के कई हिस्सों में रविवार को तेज हवाएं चलीं तथा भारी बारिश हुई, जिस वजह से बिजली के खंभे उखड़ गए और कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित हुई. अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है. Also Read - Barge P305 Accident Update: Cyclone Tauktae में अब भी 26 लोग लापता, नेवी की टीमें तलाश कर रहीं

गोवा के ऊर्जा मंत्री नीलेश कैब्राल ने बताया कि तेज हवाएं चलने के कारण बिजली के खंभे उखड़ गए हैं जिस वजह से गोवा के अधिकतर इलाकों में बिजली चली गई है. Also Read - Cyclonic Storm YAAS Latest Update: बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान 'यास' ला सकता है बड़ी तबाही, हाई अलर्ट जारी

उन्होंने कहा, “बिजली के सैकड़ों खंभे टूट गए हैं. बिजली की आपूर्ति करने वाली 33 केवी की कई हाई टेंशन तारें पेड़ों के गिरने की वजह से प्रभावित हुई हैं. पड़ोसी महाराष्ट्र से गोवा में बिजली की आपूर्ति करने वाली 220 केवी की लाइनें भी प्रभावित हुई हैं.’’ Also Read - Barge P305 Accident Case: कैप्टन समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज

कैब्राल ने कहा कि ऊर्जा विभाग ने बिजली की आपूर्ति बहाल करने के लिए अपने सभी कर्मियों को तैनात कर दिया है लेकिन तेज हवाओं के कारण बिजली सेवा बहाल करने के काम में बाधा आ रही है.


राज्य में दमकल एवं आपात सेवा के निदेशक अशोक मेमन ने बताया कि नियंत्रण कक्ष में पेड़ गिरने और सड़कें बाधित होने की सैकड़ों कॉल आई हैं.

मेमन ने कहा, “ हमारे बल कल रात से सड़कों को साफ कराने और बिजली की लाइनों पर गिरे पड़ों को हटाने के लिए काम कर रहे हैं.”

राज्य की राजधानी पणजी के पास बमबोलिम में काक्रा गांव में मछुआरों को समंदर से वापस आते हुए देखा गया. एक स्थानीय मछुआरे संजय पेरेरा ने दावा किया कि यह 1994 के बाद से सबसे बदतर चक्रवात है.

इस बीच अहमदाबाद में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान ‘तौकाते’ अगले 24 घंटे में तीव्र हो सकता है और इसके सोमवार शाम तक गुजरात के तट पर पहुंचने की संभावना है.

आईएमडी ने एक बुलेटिन में बताया कि यह मंगलवार तड़के तक पोरबंदर और भावनगर जिले में महुवा के बीच राज्य के तट को पार सकता है. उसने कहा कि ऊंची लहरों की वजह से कई तटीय जिलों में पानी भरने की आशंका है.

बुलेटिन में कहा गया है कि बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान ‘तौकाते’ पिछले छह घंटे के दौरान पूर्वी मध्य अरब सागर से उत्तर की ओर करीब 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा है.