NDRF, Kerala, Tamil Nadu, Karnataka, Gujarat and Maharashtra, Cyclone, Tauktae, weather, News: नई दिल्ली: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अरब सागर में बन रहे चक्रवात ‘तौकते’ से निपटने के लिए 53 दलों को तैयार किया है. एनडीआरएफ के महानिदेशक एस एन प्रधान ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में इन दलों को तैनात किया जा रहा है. Also Read - स्पॉन्सरशिप से हटा चाइनीज ब्रांड, अब BCCI करेगा 10 करोड़ रुपये की मदद

आईएमडी ने अपनी चेतावनी रिपोर्ट में कहा, ”यह शनिवार सुबह तक इसी क्षेत्र में गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा और उसके बाद अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा. ”आईएमडी ने बताया कि इसके उत्तर-पश्चिम गुजरात और पाकिस्तानी तटों की ओर बढ़ने की संभावना है. आईएमडी ने बताया कि यह 18 मई की शाम तक गुजरात तट के नजदीक पहुंच सकता है. इस चक्रवात को ‘तौकते’ नाम म्यांमा ने दिया है. यह भारतीय तट पर इस साल पहला चक्रवाती तूफान होगा. Also Read - संयुक्त राष्ट्र पहुंचा 'नए आईटी नियमों' का मामला, भारत ने कहा- हितधारकों के साथ बातचीत के बाद बनाए नियम

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और इन तटीय राज्यों द्वारा जारी किए कुछ परामर्शों के अनुसार दक्षिण अरब सागर और लक्षद्वीप इलाके में बृहस्पतिवार को दबाव का क्षेत्र बन गया है. Also Read - राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के पास उपलब्ध हैं कोरोना की 3.06 करोड़ से अधिक टीके, 4 लाख और भेजने की तैयारी

एनडीआरएफ के महानिदेशक ने बताया कि इन 53 दलों में से 24 दलों को पहले ही तैनात कर दिया गया है, जबकि शेष को तैयार रहने को कहा गया है. एनडीआरएफ के एक दल में करीब 40 कर्मी होते हैं और उनके पास पेड़ और खंभे काटने के औजार, नौकाएं, मूलभूत दवाएं और अन्य राहत एवं बचाव सामान होता है.

भारी बारिश और समुद्र में तेज लहरें उठने के बीच केरल में हाई अलर्ट
केरल में भारी बारिश की चेतावनी के बीच शुक्रवार को हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. राज्य सरकार ने लोगों के लिए राहत शिविर शुरू किये हैं और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. केरल के कई हिस्सों में बृहस्पतिवार रात से बारिश हो रही है. तिरुवनंतपुरम में अरुविक्कारा बांध में पानी के तेज बहाव के कारण बांध के फाटक बृहस्पतिवार रात को खोल दिये गये और लगातार बारिश के कारण करमना और किल्ली नदियों में जलस्तर उफान पर है. अधिकारियों ने बताया कि इन नदियों के किनारे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है. रात भर हुई बारिश के चलते दक्षिणी कोल्लम जिला के कई हिस्से जलमग्न हो गये हैं और पेड़ उखड़ गये हैं.

तटीय जिलों में समुद्र में तेज लहरें उठने के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचा
तटीय कोल्लम, अलप्पुझा और एर्णाकुलम जिलों में बृहस्पतिवार रात समुद्र में तेज लहरें उठने के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचा है. एर्णाकुलम का तटीय गांव चेल्लानम बृहस्पतिवार रात से समुद्री हलचल के कारण सबसे अधिक प्रभावित हुए इलाकों में से एक है.

एनडीआरएफ की नौ टीमें केरल भेजी
मलप्पुरम जिला के पोन्नानी में वेलिनाकोड और कोझिकोड के कसाबा में समुद्र में तेज लहरें उठने की सूचना मिली. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की कमांडेंट रेखा नांबियार ने बताया कि एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ की नौ टीमें केरल भेजी गई हैं. उन्होंने कहा, वायनाड और इडुक्की जिले भूस्खलन संभावित क्षेत्र हैं. हमने भूस्खलन की स्थिति में जरूरी उपकरण भेजे हैं.

तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, इडुक्की और एर्णाकुलम में खोले गये चार राहत शिविर
एनडीआरएफ की कमांडेंट ने कहा कि कोविड-19 के मद्देनजर वे सभी एहतियात बरत रहे हैं. यहां भू राजस्व आयुक्तालय ने बताया कि कुल 87 लोगों को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, इडुक्की और एर्णाकुलम में खोले गए चार राहत शिविरों में भेजा गया है. कुल 3,071 भवनों की पहचान की गयी है, जिन्हें राहत शिविर में बदला जाएगा. सूत्रों ने बताया कि इससे एक बार में 4,23,080 लोगों के रहने का इंतजाम हो सकता है. अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण कई जगहों पर लोग राहत शिविरों में जाने से मना कर रहे हैं. हालांकि आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि शिविरों में महामारी के दिशा निर्देशों के मुताबिक व्यवस्था की गयी है.

इन जिलों में यलो अलर्ट जारी, मछली पकड़ने पर रोक
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में तिरुवनंतपुरम, कोट्टायम, एर्णाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों में ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है. अधिकारियों ने स्थिति सामान्य होने तक समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी है. केरल राज्य आपदा प्रबधंन प्राधिकार (केएसडीएमए) ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से सभी एहतियात बरतने का अनुरोध किया है. विभिन्न जिला प्रशासनों ने भारी बारिश के मद्देनजर राहत अभियानों के संचालन के लिए जिला, तालुक और पंचायत स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाए हैं.