नई दिल्ली. भारतीय मौसम विभाग ने चक्रवाती तूफान ‘वायु’ के और खतरनाक होने की चेतावनी जारी कर दी है. विभाग ने गुरुवार की सुबह जारी अलर्ट में कहा है कि दोपहर तक यह तूफान गुजरात के समुद्री तटों से टकराएगा. इस दौरान 135 से 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी. इस कारण अरब सागर की स्थिति और खतरनाक होती जा रही है. अगले 12 से 14 घंटों के दौरान गुजरात और महाराष्ट्र के समुद्री तटों पर इस तूफान का असर देखने को मिलेगा.

मौसम विभाग के मुताबिक ‘वायु’ तूफान का असर गुजरात के सौराष्ट्र, अमरेली, गिर सोमनाथ, जूनागढ़, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका और राजकोट समेत कई अन्य इलाकों में दिखेगा. चक्रवाती तूफान की वजह से इन इलाकों में हवा की रफ्तार खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है. विभाग के वैज्ञानिकों ने कहा कि इन इलाकों में चलने वाली तूफानी हवाओं की रफ्तार 155 से लेकर 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. ‘वायु’ तूफान के कारण गुजरात और महाराष्ट्र के तटवर्ती इलाकों में समुद्र की स्थिति बेहद खतरनाक रहेगी. चक्रवाती तूफान का प्रभाव 13 जून की सुबह से लेकर अगले 12 से 14 घंटे तक रह सकता है.

इस बीच, चक्रवाती तूफान का असर गुजरात के तटीय इलाकों में दिखने लगा है. तूफानी हवाओं की वजह से गुजरात के मशहूर सोमनाथ मंदिर परिसर में स्थित यात्री शेड गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है. इसके अलावा तेज हवाओं के कारण राज्य के कई इलाकों में जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियां समन्वय बनाकर काम कर रही हैं. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस तूफान से बचाव और राहत कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए बुधवार को कहा था कि ‘वायु’ तूफान से उत्पन्न खतरे को देखते हुए निचले इलाकों से करीब 3.10 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है. राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की 52 टीमों को गुजरात के विभिन्न जिलों में तैनात कर दिया गया है.

तूफान से बचाव के लिए तटरक्षक बल, नौसेना, सेना और वायु सेना की इकाइयों को तैयार रखा गया है. वहीं विमानों एवं हेलीकॉप्टरों की मदद से तटवर्ती इलाकों की हवाई निगरानी भी की जा रही है. ‘बेहद गंभीर’ की श्रेणी में रखे गए इस चक्रवाती तूफान ‘वायु’ की संभावित आपदा को देखते हुए गुजरात के 10 जिलों को अलर्ट जारी किया गया है.

मौसम विभाग के मुताबिक ‘वायु’ तूफान के समुद्री तट पर टकराने के 24 घंटे बाद भी ताकतवर बने रहने की आशंका जाहिर की गई है. इसके मद्देनजर राहत एवं बचाव एजेंसियां हरसंभव प्रयास कर रही हैं. कई सामाजिक संगठन भी तूफान से संभावित खतरे से निपटने के लिए खाने के पैकेट तैयार करने में जुटे हैं. इन खाद्य सामग्रियों को तूफान प्रभावित इलाकों में भेजने की तैयारी कर ली गई है.