नई दिल्ली: चक्रवाती तूफान ‘वायु’ अब ‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान’ में तब्दील हो गया है. मौसम विभाग की माने तो यह गुजरात में गुरुवार सुबह के समय पहुंच जाएगा. इस पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि चक्रवात वायु से उत्पन्न खतरे को देखते हुये निचले इलाकों से करीब 3.10 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है और राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की 52 टीमों को तैनात कर दिया गया है. उधर, पश्चिम रेलवे ने चक्रवात वायु के चलते आने वाली संभावित आपदा को देखते हुये गुजरात से निकलने वाली कुछ ट्रेनों को रद्द करने या कम दूरी पर ही समाप्त करने का फैसला किया है.

 

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि तटरक्षक बल, नौसेना, सेना और वायु सेना की इकाइयों को तैयार रखा गया है और विमानों एवं हेलीकॉप्टरों की मदद से हवाई निगरानी की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस तूफान के पोरबंदर तथा संघ शासित प्रदेश दीव के बीच कहीं पहुंचने की आशंका है और वह लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं. ‘बेहद गंभीर’ की श्रेणी में रखे गए इस चक्रवात की संभावित आपदा के खतरे को देखते हुए दस जिलों को अलर्ट जारी किया गया है और इसके तट पर टकराने के 24 घंटे बाद भी ताकतवर बने रहने की आशंका जाहिर की गई है. आमतौर पर चक्रवात तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ जाता है.

रेलवे ने 40 ट्रेनें निरस्त कीं और 28 को बीच में ही समाप्त किया
पश्चिम रेलवे ने वायु चक्रवात से होने वाली संभावित आपदा को देखते हुये 40 रेलगाड़ियों को निरस्त और 16 ट्रेनों को आंशिक रूप से समाप्त कर दिया है. पश्चिम रेलवे ने बुधवार को यह जानकारी दी. उसने बताया कि इसके अलावा सुरक्षा के कई इंतजाम किए गए हैं. वेरावल, ओखा, पोरबंदर, भावनगर, भुज और गांधीधाम में यात्रियों की सुरक्षा के लिए कदम उठाये गए हैं. पश्चिम रेलवे ने विशेष राहत ट्रेनें चलाने का फैसला किया है. ऐसी दो विशेष ट्रेनें राजकोट डिवीजन से एक ट्रेन भावनगर डिवीजन से चलना निर्धारित किया गया है. वेरावल-अमरेली पैसेंजर, अमरेली-जूनागढ़, देलवाड़ा-वेरावल 12 और 13 जून को रद्द रहेंगी. राज्य सरकार ने सौराष्ट्र, कच्छ के निचले इलाकों को खाली कराने के लिए विशाल पैमाने पर काम शुरू कर दिया है. इस तूफान के गुरूवार सुबह तट पर टकराने की आशंका है.