नयी दिल्ली: अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान ‘वायु’ की वजह से दक्षिण पश्चिमी मानसून की धीमी गति पर भले ही कोई असर न पड़ा हो लेकिन भीषण गर्मी से जूझ रहे उत्तर पश्चिम के मैदानी इलाकों में नम हवाओं ने गर्मी से राहत जरूर दी है. मौसम विभाग ने वायु से मानसून के प्रभावित होने की आशंकाओं को नकारते हुये कहा है कि ‘वायु’ और उत्तर पश्चिम मानसून, दोनों उत्तर की ओर सक्रिय होने के कारण मैदानी इलाकों में हल्की बारिश और तेज नम हवाओं के रूप में गर्मी से राहत देने में मददगार साबित हो सकता है.

मौसम विभाग के वैज्ञानिक रंजीत सिंह ने बताया कि दक्षिण में केरल तट से उत्तर की ओर बढ़ रहे दक्षिण पश्चिम मानसून और पश्चिमी तट पर अरब सागर में सक्रिय हुआ चक्रवाती तूफान ‘वायु’ भी उत्तर में महाराष्ट्र से गुजरात की ओर बढ़ रहा है. सिंह ने बताया कि बुधवार को चक्रवाती तूफान की गति और दिशा में मामूली बदलाव की वजह से ‘वायु’ की सक्रियता गुजरात के तटीय क्षेत्रों के बजाय समुद्री क्षेत्र में ही सीमित हो रही है. इस कारण से दक्षिण पश्चिम मानसून के प्रभावित होने की आशंका नहीं है. उल्लेखनीय है कि दक्षिण पश्चिम मानसून भारत में दक्षिण और उत्तर के मैदानी इलाकों सहित देश के अधिकांश भागों में चार महीने के बारिश के मौसम का वाहक होता है. यह मानसून पूर्वानुमानित समय से लगभग एक सप्ताह की देरी से, आठ जून को केरल तट से भारत में दस्तक दे चुका है. उत्तरी राज्यों की ओर बढ़ रहा मानसून लगभग एक सप्ताह के पूर्वानुमानित विलंब से जुलाई के पहले सप्ताह तक उत्तर पश्चिमी राज्यों में सक्रिय होने का अनुमान है.

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इस बीच चक्रवाती तूफान ‘वायु’ बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे गुजरात के तटीय क्षेत्र वेरावल से 110 किमी दक्षिण पश्चिम में, दीव से 160 किमी दक्षिण- दक्षिण पश्चिम में और पोरबंदर से 140 किमी दक्षिण में स्थित था. मौसम विभाग की उत्तर क्षेत्रीय पूर्वानुमान इकाई के वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि ‘वायु’ के कारण गुजरात और महाराष्ट्र में तेज बारिश हुयी है. इसके कारण राजस्थान सहित अन्य उत्तर पश्चिमी राज्यों में अगले दो तीन दिनों तक हल्की बारिश और धूल भरी आंधी की संभावना है. इससे भयंकर गर्मी से जूझ रहे इन इलाकों में पिछले 24 घंटों में औसत तापमान में आठ से दस डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गयी है.

श्रीवास्तव ने बताया कि चक्रवाती तूफान की वजह से विलंबित चल रहे दक्षिण पश्चिम मानसून की गति तेज होने पर सीधा प्रभाव भले ही न पड़ा हो लेकिन इसकी वजह से उत्तर पश्चिम भारत में नमी लाने वाली हवाओं और हल्की बारिश की वजह से गर्मी से राहत मिलने में मदद जरूर मिली है. इसके अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश हरियाणा और दिल्ली सहित आसपास के इलाकों में मानसून पूर्व बारिश किसानों के लिये लाभप्रद साबित हो सकेगी.