बेंगलुरु: तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने पश्चिमी एशिया में मुस्लिमों के बीच वर्ग संघर्ष पर चिंता जताई है. जबकि भारत में शिया और सुन्नी समुदायों के एक साथ शांतिपूर्ण ढंग से रहने की भी प्रशंसा की. उन्होंने शनिवार कहा कि धर्म के नाम पर हत्या सोच से परे है. उन्होंने जोर दिया कि लोगों के बीच एकता पैदा करने से दुनिया के सामने आज मौजूद विभिन्न संकटों का समाधान होगा.

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अफगानिस्तान, सीरिया और अन्य इस्लामी राष्ट्रों जैसे देशों के संदर्भ में दलाई लामा ने कहा, ”वे सभी एक ही ईश्वर अल्लाह, एक ही कुरान का अनुसरण करते हैं, हर दिन पांच बार नमाज पढते हैं लेकिन फिर भी वे एक-दूसरे को मार रहे हैं. यह सच में सोच से परे है.” उन्होंने कहा, ”राजनीतिक शक्ति या आर्थिक हित के लिए मारना कुछ हद तक समझ में आता है. धर्म के नाम पर एक-दूसरे को मारना सोच से परे है, लेकिन यह तथ्य है और यह हो रहा है.”

दलाई लामा बेंगलुरु में ‘21वीं सदी में साहस और करुणा’ विषय पर एक व्याख्यान दे रहे थे जिसका आयोजन वाना फाउंडेशन ने अपनी विद्यालोक पहल के तहत किया.

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आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि सात अरब लोगों के बीच एकता पैदा करना उनकी मुख्य प्रतिबद्धता है और उन्होंने धार्मिक सौहार्द और सहिष्णुता के लिए भारत की प्रशंसा की. उन्होंने मुस्लिम देशों में शिया और सुन्नी समुदायों के बीच अक्सर झड़पों के उलट भारत में इन समुदायों के बीच एक साथ शांतिपूर्ण ढंग से रहने की भी प्रशंसा की.