नई दिल्ली: पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार शाम रावण दहन के दौरान रेल पटरियों पर खड़े लोगों के ट्रेन की चपेट में आने से कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई जबकि 72 अन्य घायल हो गए. ट्रेन जालंधर से अमृतसर आ रही थी तभी जोड़ा फाटक पर यह हादसा हुआ. हादसे में उस युवक की भी ट्रेन से कटकर मौत हो गई, जो यहां की रामलीला में रावण का किरदार निभा रहा था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रावण दहन के दौरान रावण का किरदार निभाने वाले दलबीर सिंह पटरी पर ही मौजूद थे.

दलबीर की मौत से परिवार पर संकट आन पड़ी है. दलबीर सिंह की मां और भाई को अब भी यकीन नहीं हो रहा कि वह इस दुनिया में नहीं है. वहीं पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है. दलबीर वर्षों से रामलीला में रावण का रोल निभा रहे थे. दलवीर की मां ने मेरा बेटा अब इस दुनिया में नहीं है. उसकी 8 महीने की बेटी और पत्नी का क्या होगा. मैं सरकार से अपील करती हूं कि वह मेरी बहू को नौकरी दे.

इस घटना के बाद परेशान लोगों ने अपने दिल दहलाने वाले अनुभव साझा किए. एक गमगीन महिला ने कहा, ‘मैंने अपना नाबालिग बेटा खो दिया. मुझे मेरा बेटा लौटा दो. एक स्थानीय शख्स ने कहा, ‘कई बार हमने अधिकारियों और स्थानीय नेताओं से कहा है कि इस मुद्दे को रेलवे के साथ उठाएं कि दशहरे के दौरान फाटक के पास ट्रेनों की गति को कम रखा जाए, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी. एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि पटाखों के शोर की वजह से लोगों को आ रही ट्रेन की आवाज नहीं सुन सकी.

हादसे वाली जगह जिन लोगों के घर हैं उन्होंने आपबीती बताई. 53 साल की एक महिला रक्षा देवी ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ वह किचन में चाय बना रही थीं. उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे खौफनाक मंजर था. हर तरफ मानव शरीर के चीथले, हड्डियां और खून ही दिख रहा था.

एक प्रत्यक्षदर्शी बिट्टू देवी ने बताया कि बहुत सारे लोग धोबी घाट की दीवार पर खड़े थे. जैसे ही पटाखे फूटने लगे लोगों की भीड़ पीछे भागी. दीवार पर खड़े कुछ लोग तो गिर भी गए और तभी मैंने लोगों की चीख-पुकार सुनी. वहां तबाही मची थी और मैं दहशत में आ गई. मैंने रेलवे ट्रैक पर लोगों के शरीर और शरीर के हिस्से पड़े देखे.