हैदराबाद विश्वविद्यालय में दलित शोध छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के बयान की निंदा करते हुए हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 10 दलित प्रोफेसर्स ने प्रशासनिक पदों से इस्तीफा दे दिया है। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के एससी/एसटी टीचर्स और अधिकारियों की फोरम ने एक प्रेस रिलीज जारी करके मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के बयान की निंदा की है।

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मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ बयान दिए थे, जिसपर फोरम ने आपत्ति जताई है और कहा कि केंद्रीय मंत्री ने इस मामले में तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया है।

आपको बता दें की फोरम ने कहा मानव संसाधन विकास मंत्री का यह कहना गलत है कि जिस कमेटी ने छात्रों को सस्पेंड करने का फैसला किया उसमें एक दलित प्रोफेसर भी शामिल थे। उन्होंने ये भी कहा की उस पैनेल में कोई दलित प्रोफेसर शामिल नहीं था।

ज्ञात हो की बुधवार को मामले के तूल पकड़ने के बाद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “इस मुद्दे को जातीयता का रंग देने का कुत्सित प्रयास किया गया है। सच्चाई यह है कि यह जातिगत मुद्दा नहीं है।”

उन्होंने कहा कि मामले को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है।