नई दिल्ली: आज देश विनायक दामोदर सावरकर की जयंती मना रहा है. इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी सहित कई बड़े राजनेताओं ने उन्हें याद किया. विनायक सावरकर की जयंति के अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर अपने मन की बात की क्लिप को पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने देशवासियों के सामने उनके साहस और उनकी निर्भीकता का उदाहरण पेश किया है. Also Read - PM Narendra Modi reaches Leh: भारत-चीन विवाद के बीच अचानक लेह पहुंचे पीएम मोदी, CDS बिपिन रावत भी साथ में मौजूद

पीएम मोदी ने कहा कि वीर सावरकर ही वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ 1857 की लड़ाई में भारतीयो के संघर्ष को अंग्रेजों के खिलाफ पहली लड़ाई कहने की हिम्मत दिखाई थी. मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि यह मई का महीना बहुत ही खास है. यही वह महीना था जब भारत देश के वीर जवानों ने अंग्रेजों को अपनी ताकत दिखाई थी. उन्होंने कहा कि यह देश के लिए काफी दुर्भाग्य की बात है कि उनके इस साहस को हमेशा विद्रोह के नजरिए से देखा गया. Also Read - पीएम मोदी ने चीन या गलवान में बिगड़ी स्थिति का नहीं किया ज़िक्र, लोगों को थी कुछ ऐसी उम्मीद

पीएम ने कहा कि यह सोच स्वाभाविक रूप से हमारे स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाली है. पीएम मोदी ने वीर सावरकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि यह वीर दामोदर सावरकर ही थे जिन्होंने यह कहने कि हिम्मत दिखाई कि जो कुछ भी हुआ वह विद्रोह नहीं बल्कि अंग्रेजों को भारत से उखाड़ फेंकने लिए आजादी की पहली लड़ाई थी.

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी वीर सावरकर को याद किया. आपको बता दें कि दामोदर सावरकर का जन्म महाराष्ट्र के नासिक में 28 मई 1883 को हुआ था. इनकी माता का नाम राधाबाई सावरकर और पिता का नाम दोमोदर पंत सावरकर था.