Darbhanga Blast Case: बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर पिछले दिनों हुए विस्फोट के सिलसिले में NIA ने हैदराबाद में रह रहे लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के एक प्रवक्ता ने बताया कि इमरान मलिक उर्फ ​​इमरान खान और उसका भाई मोहम्मद नासिर खान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष आतंकवादियों द्वारा देश भर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए रची गई साजिश का हिस्सा थे. उन्होंने कहा कि दोनों को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया.Also Read - जम्मू-कश्मीर में 2 एनकाउंटर जारी, 3 आतंकवादी ढेर, कई दहशतगर्द घिरे

आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश में शामली जिले के रहने वाले हैं. NIA ने 17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर एक पार्सल में हुए विस्फोट की जांच अपने हाथ में ली थी और उसके बाद दोनों उसके निशाने पर थे. जांच से पता चला कि पार्सल सिकंदराबाद में बुक किया गया था और सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस से वहां पहुंचा था. Also Read - सिद्धू मूसेवाला का पोस्टमार्टम कराने से परिजनों ने किया इंकार, NIA से जांच कराने की मांग | Watch Video

Also Read - टेरर फंडिग केस में यासीन मलिक को उम्रकैद, NIA कोर्ट ने 10 लाख का जुर्माना भी लगाया

प्रवक्ता ने कहा कि अपराध स्थल के दौरे और NIA की जांच टीम द्वारा महत्वपूर्ण सुराग हासिल करने के बाद प्रारंभिक जांच और आरोपी व्यक्तियों से पूछताछ में पता चला है कि लश्कर के शीर्ष आतंकवादियों द्वारा भारत भर में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए देश से बाहर से साजिश रची गई है. उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तान स्थित आकाओं के निर्देश पर काम करते हुए गिरफ्तार आरोपियों ने विस्फोटक (आईईडी) को कपड़े के पार्सल में पैक कर ट्रेन में रख दिया. उन्होंने कहा कि इसका मकसद चलती ट्रेन में विस्फोट और आग लगाना था ताकि बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होता.

प्रवक्ता ने कहा, ‘नासिर खान वर्ष 2012 में पाकिस्तान गया था और स्थानीय रूप से उपलब्ध रसायनों से आईईडी बनाने के लिए लश्कर के आकाओं से प्रशिक्षण प्राप्त किया था. वह अपने भाई इमरान के साथ कूट वाले संचार मंचों के जरिए लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तान स्थित आकाओं के संपर्क में था.’ उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों को पटना की विशेष एनआईए अदालत में पेश किया जाएगा. प्रवक्ता ने कहा कि आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है.

(इनपुट: भाषा)