नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर्यावरण में बदलाव के विषय पर दुनिया भर के एक हजार से अधिक महापौरों और अंतरराष्ट्रीय एवं बहुआयामी दर्शकों को संबोधित करेंगे. इस कार्यक्रम के पूर्ण सत्र में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और संघीय मंत्री पर्यावरण, प्रकृति संरक्षण और परमाणु सुरक्षा (बीएमयू), जर्मनी के एचई स्वेंजा शुल्जे के मुख्य भाषण भी शामिल होंगे. Also Read - दिल्ली में वेतन को लेकर संकट और गहराया, वरिष्ठ चिकित्सकों ने लिया सामूहिक आकस्मिक अवकाश, हड़ताल की चेतावनी

दिल्ली के विकास की दिशा में काम करने वाले नेता के रूप में सीएम केजरीवाल यहां अपना वक्तव्य देंगे. वह यहां बताएंगें कि किस तरह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के संकट का समाधान करने के लिए पूसा इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित की गई नई तकनीक डीकंपोजर आई. भारत में दिल्ली सरकार द्वारा अपनी तरह की पहली इलेक्ट्रॉनिक वाहन नीति को लागू करके मौजूदा जलवायु आपातकाल से निपटने के लिए क्या कदम उठाया है. Also Read - मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर धरने पर बैठे दिल्ली के तीनों महापौर, जानें क्या है वजह...

प्रतिष्ठित मंच ‘डेयरिंग सिटीज 2020 में दुनिया भर के पांच शहरी नेताओं के बीच बोलने के लिए आमंत्रित किया गया है. इनमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हैं. इस सम्मेलन की मेजबानी जर्मन सरकार के सहयोग से आईसीएलईएआई और जर्मनी के बॉन शहर द्वारा की जा रही है. Also Read - Delhi NCR Pollution: गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा में वायु गुणवत्ता 'गंभीर' स्तर पर , इन जगहों की हालत बहुत ही खराब

डेयरिंग सिटीज जलवायु परिवर्तन पर शहरी नेताओं का एक वैश्विक मंच है. सीएम केजरीवाल को जलवायु आपातकाल और पर्यावरणीय स्थिरता से निपटने के लिए की गई बहुस्तरीय कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए बोगोटा (कोलंबिया), साओ पाओलो (ब्राजील), लॉस एंजल्स (यूएसए) और एंटेब्बे (युगांडा) के शहरी नेताओं और निर्णयकर्ताओं के साथ आमंत्रित किया गया है.

यह कार्यक्रम इन पांचों डेयरिंग अर्बन नेताओं के रूप में पहचाना जाता है, जो जलवायु के संबंध में कड़ी कार्रवाई करने के लिए अपने स्थानीय संदर्भों द्वारा लगाई गई सीमा से परे जा रहे हैं. यह सत्र 7 अक्टूबर 2020 को शाम 7.30 बजे वर्चुअल फोरम के माध्यम से आयोजित किया जाएगा. इसमें लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका और एशिया के प्रतिष्ठित शहरों और उप-व्यायसायिक नेता भी अगले 5 वर्षों में अपने-अपने शहर, क्षेत्र में प्राप्त करने वाले सबसे आवश्यक बदलावों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे, ताकि जलवायु संकट की स्थितियों से निपटने की उनकी योजनाओं में तेजी लाई जा सके.