गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने दार्जीलिंग हिल्स में आज से सरकारी और गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के कार्यालयों को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने का आह्वान किया है. क्षेत्रीय पार्टी की ओर से पीछे हटने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे है.  जीजेएम ने गोरखालैंड की मांग को फिर से उठाते हुए बंद का आह्वान किया है. 
 
बहरहाल, जीजेएम ने स्कूलों, कॉलेजों, परिवहन, होटलों को बंद के दायरे से बाहर रखा है और उसने कहा कि बैंक सप्ताह में केवल दो दिन खुले रहेंगे.  इस बीच जीजेएम अध्यक्ष बिमल गुरूंग ने ‘‘अप्रिय’’ घटनाओं की आशंका के चलते पर्यटकों को पहाड़ी इलाके से निकल जाने को कहा है.

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बता दें कि ममता बनर्जी सरकार ने रविवार को दार्जिलिंग और कालीम्पोंग जिलों में सभी सरकारी कार्यालयों को खुले रखने के लिए एक आदेश जारी किया था. राज्य सरकार के कर्मचारियों को यह भी कहा गया हैं कि वह रोज दफ्तर आए और बिना किसी ठोस वजह के छुट्टी नहीं ले सकेंगे. सरकारी सूचना में कहा गया, ‘‘दार्जिलिंग तथा कलीमपोंग जिलों में राज्य सरकार के सभी कार्यालय खुले रहेंगे और सभी कर्मचारी प्रतिदिन ड्यूटी पर आएं. अनुपस्थिति सेवा में कमी मानी जाएगी और ठोस आधार नहीं होने पर वेतन भी नहीं दिया जाएगा.’’
हालांकि जीजेएम नेतृत्व ने राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देते  हुए कहा कि राज्य सरकार आन्दोलन को जितना दबाना चाहेगी ये  उतना ही अधिक तीव्र होगा. गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए, पश्चिम बंगाल सरकार ने जीटीए के पूर्णकालिक प्रिंसिपल सचिव, रवि इंदर सिंह को हटाकर उन्हें उत्तर बंगाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव बरुन रॉय से बदल दिया. रॉय जीटीए का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे.
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