नई दिल्ली: भारत-पाकिस्तान के बीच 1999 में हुए कारगिल युद्ध के दौरान पूरे देश में लोग ऑपरेशन विजय के सफल होने की कामना कर रहे थे. इस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री होने के नाते अटल बिहारी वाजपेयी पर भी काफी दबाव था. Also Read - LoC पार कर आए युवक को मिठाई और कपड़े के साथ वापस भेजा, पाकिस्‍तानी अधिकारियों को सौंपा

मां बगलामुखी के मंदिर में विजय प्राप्ति के लिए यज्ञ कराया था Also Read - Indian Army Recruitment 2021 Rally: भारतीय सेना में बिना परीक्षा के पा सकते हैं नौकरी, 8वीं, 10वीं पास जल्द करें आवेदन

बताया जाता है कि इस युद्ध में भारतीय सेना को विजय मिले इसके लिए वाजपेयी ने मध्य प्रदेश के दतिया में पीताम्बरा पीठ की मां बगलामुखी के मंदिर में विशेष यज्ञ करवाया था. ऐसी मान्‍यता है कि दतिया की मां बगलामुखी की उपासना से शत्रु का नाश होता है. Also Read - Shocking: 12 साल की उम्र हुई थी विधवा, फौजी पति की मौत के 69 साल बाद मिलेगी पेंशन, बोलीं- मुझे अब...

जब-जब देश पर युद्ध की विपत्ति आई तब-तब यहां पर विशेष यज्ञ करवाया गया. 1965 और 1971 के युद्ध में भी मां बगलामुखी के मंदिर में विजय प्राप्ति के लिए यज्ञ कराया गया था.

इसके बाद साधकों ने कई दिनों तक दुश्‍मन पर जीत के लिए साधना और यज्ञ किया. यज्ञ पूरा होने पर दुश्‍मन को एक बार फिर से भारतीय सेना ने चारों खानों चित कर दिया. जुलाई 1999 में भारतीय सेना ने पूरी तरह से पाकिस्तानी सेना को एलओसी के दूसरी ओर खदेड़ दिया.

 चीन के आक्रमण के समय भी कराया गया था यज्ञ

इसी तरह 1962 में चीन के आक्रमण के समय भी यहां पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के अनुरोध पर 51 कुंडीय महायज्ञ कराया गया था.

गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, राजमाता विजयाराजे के अलावा मध्य प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और दो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उमा भारती की इस मंदिर से खासी आस्था जुड़ी हुई है.