देहरादून: देश के लिए शहादत का गर्व के साथ ही बेटा, पति, भाई, पिता को खोने के गम में परिवार का करुण-क्रंदन बेहद ह्रदय विदारक होता है. वहीँ कश्मीर के कुलगाम में शहीद हुए जवान की मासूम बेटी ने जिस तरह से पिता की शहादत को सलाम किया, उससे सभी निशब्द हो गए. बेटी शहीद पिता के पार्थिव शरीर के पास पहुंची. दोनों हाथ जोड़े. हाथों से चेहरे और आंखों को छिपा लिया. वह कुछ देर पिता के पार्थिव शरीर के सामने खड़ी रही. और पिता के पार्थिव शरीर को देखते हुए रोती रही. मासूम ने इसके बाद कहा कि ‘पापा अब आसमान में स्टार बन गए हैं.’ मासूम के तरीके और इस बात ने सभी को बेहद भावुक कर दिया. बेटी द्वारा शहीद को इस तरह से श्रद्धांजलि दिए जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. लोगों ने मासूम की इन तस्वीरों को दुःख का चरम बताया है. Also Read - धरना दे रहे BJP नेता हिरासत में, दिल्ली सरकार से मांग रहे थे विज्ञापनों का हिसाब

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उत्‍तराखंड का जवान शहीद, सीएम ने दी श्रद्धांजलि, परिवार के एक सदस्‍य को नौकरी देने का ऐलान Also Read - हथियारों के जखीरे के साथ आतंकी अरेस्ट, नए आतंकी संगठन ने कहा- बाहर का जो कश्मीर में बसेगा, मारा जाएगा

17 घंटे तक चली मुठभेड़ में घायल हुए थे दीपक नैनवाल

शहीद दीपक नैनवाल का पार्थिव शरीर आज देहरादून ले जाया गया है. पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए देहरादून में उनके घर के बाहर रखा गया है. यहां शहीद को श्रद्धाजंलि देने के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा. उत्तराखंड के सीएम शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे. बता दें कि भारतीय सेना में तैनात दीपक नैनवाल 10 अप्रैल 2018 को आतंकियों के साथ 17 घंटे तक चली मुठभेड़ में घायल हुए थे. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उनके स्वास्थ्य में ज्यादा सुधार नहीं हुआ. दिल्ली में डॉक्टरों ने बताया था कि जवान दीपक के कमर से नीचे का हिस्सा काम नहीं कर रहा था. इसके बाद उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए पुणे के पैराप्लेजिक रिहैब सेंटर ले जाया गया. यहां दीपक का 40 दिन तक इलाज चला, लेकिन वो शहीद हो गए.

पिता बोले- गर्व लेकिन बेटे को कंधा देना बड़ा दुख

मूल रूप से कर्णप्रयाग निवासी और देहरादून के हर्रावाला स्थित सिद्धपुरम् में रहने वाले राष्ट्रीय राइफल्स के जवान दीपक नैनवाल वर्ष 2001 में फर्स्ट महार रेजिमेंट के जरिये सेना में भर्ती हुए थे. ढाई साल से वह कश्मीर के अनंतनाग में तैनात थे. उनके पिता चक्रधर प्रसाद ऑनरेरी कैप्टन के पद के रिटायर हैं. पूर्व सेना अधिकारी पिता चक्रधर नैनवाल को बेटे के हमेशा के लिए संसार से जाने का दुख है, लेकिन बेटे की शहादत पर गर्व है. उन्होंने कहा कि इस उम्र में बेटे के शव को कंधा देने से बढ़कर जिंदगी का बड़ा दुख और क्या होगा.

उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी.

उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी.

बेटी ने रोते हुए किया शहादत को सलाम, मां और पत्नी बेसुध

शहीद की बेटी ने बेहद मासूमियत से शहीद पिता को श्रद्धांजलि अर्पित की. वहीं, मां और उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है. दोनों बेसुध हैं, परिजन और रिश्तेदार लगातार सांत्वना दे रहे हैं. मां को बेटे की शहादत पर गर्व हैं, लेकिन दुख इस बात का है कि इतनी कम उम्र में उन्हें और अपने बच्चों को छोड़ गया. मूलरूप से चमोली जिले के दीपक नैनवाल का परिवार देहरादून में रहता है.

शहीद परिवार के एक सदस्‍य को मिलेगी नौकरी

उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत मंगलवार को सेना के शहीद जवान नायक दीपक नैनवाल के हर्रावाला, सिद्धपुरम देहरादून स्थित आवास पर गए. उन्होंने पुष्पचक्र अर्पित कर स्व. नैनवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की. यहां उन्होंने कहा कि शहीद दीपक नैनवाल के परिवार के एक आश्रित को उनकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर राजकीय सेवा में नियुक्ति दी जाएगी.