नई दिल्ली : एक बेटी ने अपने पिता के खिलाफ छेड़छाड़ का झूठा मुकदमा इसलिए दायर कर दिया क्‍योंकि पुलिस में बार-बार शिकायत करने के बाद भी पिता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी. पिता अपनी पत्‍नी और बेटियों के साथ दुर्व्‍यवहार करता था. ताज्‍जुब यह कि अदालत ने मामले की सच्‍चाई जानने के बाद बेटी की प्रशंसा की जबकि पिता को सजा मिली. Also Read - संभल जाइए! अगर आप भी लिखते हैं Aamir Khan की बेटी Ira khan का गलत नाम, होगा इतने हज़ार का जुर्माना

छेड़छाड़ की स्थिति में लड़कियों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इस संबंध में स्कूल में आयोजित एक कार्यशाला ने एक छात्रा को अपशब्द कहने वाले पिता के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराने और अपने, अपनी बहन और मां के लिए अदालत से न्याय पाने का साहस दिया. अपने पिता को अभद्र व्यवहार करने से रोकने में पुलिस की उदासीनता के कारण मामला दर्ज कराने में नाकाम रहने के बाद 17 साल की लड़की ने उसके खिलाफ छेड़छाड़ की झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई. Also Read - Neena Gupta की बेटी Masaba इस बात को लेकर हुईं उदास बोलीं- मेरा शो बड़े पर्दे पर नहीं चलेगा

इसके बावजूद, अदालत ने पिता के खिलाफ पुलिस से गुहार लगाने पर और शराब पीकर उन्हें पीटने वाले पिता से कुछ राहत पाने की उम्मीद में छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाने के वास्तविक कारण की सच्चाई बताने पर लड़की के साहस की प्रशंसा की. अदालत ने कहा कि लड़की ने झूठा मामला दर्ज कराने की बात स्वीकार की. उसने कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने पर उसे यह कदम उठाना पड़ा. Also Read - Mithun Chakraborty की बेटी Dishani Chakraborty की ग्लैमरस तस्वीरें वायरल, हुस्न से लबरेज़ है हर अंदाज

उसने यह भी बताया कि उसने स्कूल में एक कार्यशाला में छेड़छाड़ के अपराध की गंभीरता के बारे में जाना. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बवेजा ने कहा, ‘‘असल में उसने अपनी शिकायत और बयान में जिस छेड़छाड़ की घटना का जिक्र किया, वैसा कुछ हुआ ही नहीं था.’’

अदालत ने व्यक्ति को भादंसं के तहत छेड़छाड़ और पाक्सो कानून के तहत यौन उत्पीड़न के आरोप से बरी किया लेकिन उसे पत्नी तथा दो नाबालिग बेटियों पर हमला करने और धमकी देने के आरोप में दोषी ठहराया. लड़की के साहस ने न्यायाधीश को प्रभावित किया और उन्होंने कहा कि अपनी मां की दुर्दशा देखकर यह उसकी ‘‘मजबूरी’’ थी कि उसने इस तरह के आरोप लगाए. अदालत ने पिता को एक साल के लिए अच्छा आचरण रखने के निर्देश के साथ 25 हजार रुपये के निजी मुचलके तथा इतनी ही राशि का एक जमानतदार देने पर प्रोबेशन पर रिहा कर दिया.