नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार आज शाम चार बजे दिल्‍ली के राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर होगा. यह जानकारी भाजपा प्रमुख अमित शाह ने दी. वाजपेयी जी का अंतिम संस्‍कार स्‍मृति स्‍थल में किया जाएगा जो देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्‍त्री के स्‍मारकों के बीच स्थित है. Also Read - सीएम अमरिंदर सिंह ने फाइनल परीक्षाओं को लेकर मोदी को लिखा पत्र, कहा- UGC के निर्देश की हो समीक्षा

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वाजपेयी का पार्थिव शरीर उनके सरकारी आवास छह, कृष्ण मेनन मार्ग पर रखा गया है. शाह ने कहा कि लोग शुक्रवार सुबह साढ़े सात बजे से साढ़े आठ बजे तक उनके आवास पर श्रद्धांजलि दे सकेंगे. दिवंगत नेता के आवास के बाहर उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि इसके बाद सुबह नौ बजे उनके पार्थिव शरीर को दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भाजपा मुख्यालय ले जाया जाएगा. शाह ने कहा कि अंतिम यात्रा दोपहर एक बजे भाजपा मुख्यालय से शुरू होगी और अंतिम संस्कार शाम चार बजे किया जाएगा. वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद 93 वर्ष की उम्र में गुरुवार शाम एम्स में निधन हो गया. Also Read - जो राहुल और प्रियंका गांधी के आक्रामक रुख की सराहना नहीं कर सकते वे कांग्रेस पार्टी में क्यों हैं : दिग्विजय सिंह

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वाजपेयी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा और केंद्र सरकार के सभी कार्यालयों में आज आधे दिन की छुट्टी रहेगी. वाजपेयी के सम्मान में सरकार ने सात दिनों के शोक की घोषणा की है. गृह मंत्रालय ने सर्कुलर जारी कर कहा कि राष्ट्रीय ध्वज पूरे देश में आज से आधा झुका रहेगा. गृह मंत्रालय ने कहा है कि वाजपेयी के सम्मान में पूरे भारत में 16 अगस्त से 22 अगस्त तक राजकीय शोक मनाया जाएगा.’’

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उन्होंने कहा, ‘‘इस दौरान पूरे भारत में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा जहां इसे नियमित रूप से फहराया जाता है और राजकीय शोक के दौरान आधिकारिक रूप से कोई मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा.’’ अंतिम संस्कार के दिन विदेशों में सभी दूतावासों में राष्ट्र ध्वज आधा झुका रहेगा.

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स्मृति स्थल पर अंतिम संस्कार एक ऊंचे स्थल पर होगा जो चारों तरफ से हरियाली से घिरा हुआ है. स्मृति स्थल जवाहर लाल नेहरू के स्मारक ‘शांति वन’ और लाल बहादुर शास्त्री के ‘विजय घाट’ के बीच स्थित है. पूर्व प्रधानमंत्री आई के गुजराल का अंतिम संस्कार यमुना नदी के किनारे दिसम्बर 2012 में स्मृति स्थल पर किया गया था.

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शुक्रवार शाम 5 बजकर 5 मिनट पर वाजपेयी ने एम्‍स में अंतिम सांसें ली. करीब तीन घंटे बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके आवास पर लाया गया. निधन के बाद से पूरे देश में शोक की लहर पैदा हो गई. पूरी दुनिया के राजनीतिज्ञों के अलावा हर क्षेत्र के लोगों ने उनके निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया. उनके आवास पर भी श्रद्धांजलि देने वालों का सिलसिला लगातार बना रहा.

इनपुट: एजेंसी