Delhi violence: उत्‍तर- पूर्वी दिल्‍ली में हुई हिंसा में मरने वालों की संख्‍या अब 24 हो गई है. एलएनजेपी अस्पताल में बुधवार को दो लोगों की मौत के साथ उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. वहीं, गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा उत्तर पूर्व दिल्ली के दंगाग्रस्त चांद बाग इलाके में बुधवार को एक नाले में मृत मिले. इस इलाके में वह रहते थे. Also Read - Coronavirus: US में 16,000 से ज्‍यादा लोगों की मौत‍, 24 घंटें में 1783 मरे, दुनिया में 95000 Deaths

एलएनजेपी अस्पताल में मौत के ये पहले मामले हैं, जो उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा से जुड़े हैं. इस अस्पताल में सोमवार शाम से ऐसे कई लोग पहुंचे हैं जो हिंसा में घायल हुए हैं. अस्पताल के अधीक्षक किशोर सिंह ने कहा, ” मौत के मामलों में से एक व्यक्ति को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि 3 अन्य की उपचार के दौरान मौत हो गई.” इससे पहले, मृतकों की संख्या 22 थी और इन सभी लोगों की मौत जीटीबी अस्पताल में दर्ज की गई. Also Read - COVID19: दिल्‍ली में 51 नए मामलों के साथ अबतक 720 मामले, कुल 12 मरीजों की मौत

दंगा प्रभावित चांद बाग में नाले में मृत मिले आईबी कर्मी अंकित शर्मा
गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा उत्तर पूर्व दिल्ली के दंगाग्रस्त चांद बाग इलाके में बुधवार को एक नाले में मृत मिले. इस इलाके में वह रहते थे. अधिकारियों ने बताया कि 26 वर्षीय अंकित शर्मा मंगलवार से लापता थे और आशंका है कि उनकी जान पथराव में गई. शर्मा का शव ऑटोप्सी के लिए गुरू तेगबहादुर अस्पताल ले जाया गया है. शर्मा 2017 में आईबी में भर्ती हुए थे.

बाहर हालात का जायजा लेने के लिए निकला था
आईबी में ही कार्यरत अंकित के पिता देवेंद्र ने कहा कि वह मंगलवार को शाम करीब साढ़े पांच बजे घर लौटा था और कुछ ही देर बाद बाहर हालात का जायजा लेने के लिए निकल गया. हालांकि वह कई घंटे तक नहीं लौटे. उन्होंने बताया, जब वह नहीं लौटा तो हमने उसकी तलाश शुरू की. हम जीटीबी और एलएनजेपी (लोकनायक जयप्रकाश) अस्पताल भी यह पता लगाने गये कि कहीं वह वहां भर्ती तो नहीं है, लेकिन उसका पता नहीं चला.’’

सुबह तीन बजे तक करते रहे तलाश
देवेंद्र ने कहा, ”हम बुधवार तड़के तीन बजे तक उसे तलाशते रहे. बाद में सुबह करीब 10 बजे हमें सूचना मिली कि उसका शव चांद बाग नाले में पड़ा है. हमने कभी नहीं सोचा था कि उसकी जान ले ली जाएगी. अंकित की मां सुधा का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि प्रकृति इतना क्रूर खेल खेलेगी. वह बार-बार यही कह रही थीं, ‘‘मैं उसके बिना नहीं रह सकती. रिश्तेदार और मिलने वाले उन्हें बार-बार दिलासा दे रहे थे.

अंकित को नाले में फेंकते हुए देखा था महिलाओं ने
अंकित के भाई अंकुर ने बताया कि उनकी कॉलोनी की कुछ महिलाओं ने सुबह उन्हें बताया कि उन्होंने लोगों को उनके भाई को नाले में फेंकते हुए देखा था. अंकुर ने दावा किया, जब लोगों ने महिलाओं को देख लिया तो उन्होंने धमकी दी कि अगर इस बारे में किसी को कुछ बताया तो नतीजा गंभीर होगा. उसे नाले में फेंके जाने से पहले कई बार चाकू मारा गया.

परिवार में माता-पिता, एक भाई और एक बहन हैं
मंगलवार शाम को चांद बाग और अन्य इलाकों में भीड़ ने पथराव किया और कई दुकानों, मकानों को आग के हवाले कर दिया. नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए 24 लोगों में शामिल शर्मा के परिवार में उनके माता-पिता, एक भाई और एक बहन हैं. शर्मा 2017 में आईबी में भर्ती हुए थे.