नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा चार नवंबर से शुरू की गई ऑड-ईवन योजना का शुक्रवार को आखिरी दिन था. इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह इस बारे में सोमवार को निर्णय लेंगे कि योजना की मियाद बढ़ानी है या नहीं. दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए चार नवंबर से 15 नवंबर तक ऑड-ईवन योजना की घोषणा की थी.Also Read - Delhi Corona Update: दिल्ली में कोरोना के 27 नए मामले, आज नहीं गई किसी की जान; एक्टिव मामले 300 के करीब

ऑड-ईवन योजना के तहत उन वाहनों को ऑड तिथियों पर सड़क पर उतरने की अनुमति होती है, जिनकी पंजीकरण संख्या का अंतिम अंक ऑड होता है, और उसी तरह उन वाहनों को ईवन तिथियों पर सड़क पर उतरने की अनुमति होती है, जिनकी पंजीकरण संख्या का अंतिम अंक ईवन होता है. इस योजना का मकसद सड़क पर वाहनों की संख्या घटाकर वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना था. योजना का उल्लंघन करने वालों पर 4,000 रुपये जुर्माना था. Also Read - Delhi Me Kab Khulenge School: दिल्ली में भी खुलने वाले हैं पहली से 8वीं तक के स्कूल? इस दिन फैसला संभव...

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहले कहा था कि येदि दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बहुत खराब बनी रही तो वह योजना की मियाद बढ़ा सकते हैं. लेकिन शुक्रवार को उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर सोमवार को विचार करेंगे. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि अनुमान के मुताबिक आगामी दिनों में वायु गुणवत्ता बढ़ने की उम्मीद है. केजरीवाल ने कहा, “हम अनावश्यक ऑड-ईवन योजना थोपना नहीं चाहते. हम वायु गुणवत्ता को देखेंगे. यदि इसमें सुधार होता है जो हम योजना का विस्तार नहीं करेंगे. अन्यथा हम इसके विस्तार पर सोमवार को निर्णय लेंगे.” Also Read - दिल्ली सरकार शुरू करेगी ‘पटाखे नहीं दीया जलाओ’ अभियान, ये है मकसद

(इनपुट आईएएनएस)