नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों पर हुए हमले के बाद छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए मंगलवार को जेएनयू पहुंची लेकिन उन्होंने वहां लोगों से कोई बात नहीं की. दीपिका के किसी से बात नहीं करने पर जेएनयूएसयू छात्र नेता आइशी घोष ने टिप्पणी की कि जब आपकी एक हस्ती है तो आप को बोलना चाहिए. इस दौरान छात्रनेता कन्हैया कुमार ‘जय भीम’ और ‘आवाज दो हम एक है’ जैसे नारे लगाते नजर आए. बता दें कि दीपिका पादुकोण अपनी आने वाली फिल्म ‘छपाक’ के प्रमोशन के लिए शहर में हैं. Also Read - Oops Moment! पार्टी में सबके सामने फट गई थी Ranveer Singh की पैंट, Deepika ने ऐसे बचाई पति की इज्जत

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बता दें कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में रविवार रात लाठियों और लोहे की छड़ों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने परिसर में प्रवेश कर छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला कर दिया था और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था. बाद में प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा. जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित हमले में कम से कम 34 लोग घायल हो गए थे. उधर, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में हुई हिंसा के खिलाफ देशभर में वामपंथी संगठनों के सदस्यों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया.

पुणे में छात्रों ने निकाला मार्च


पुणे में प्रदर्शनकारियों ने भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) से लेकर सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय तक मार्च निकाला. प्रदर्शनकारी अपने हाथों में अलग-अलग संदेश वाले पोस्टर लिए हुए थे जिन पर लिखा था कि छात्र एकता जिंदाबाद. उन्होंने छात्रों को दफन करना चाहा, उन्हें नहीं मालूम था हम बीज हैं. अगर आप हमें आतंकित करेंगे तो हम शांत नहीं बैठेंगे. हम देखेंगे और हम जेएनयू के साथ हैं. छात्रों एवं युवाओं ने जेएनयू छात्रों पर हुई हिंसा, सीएए और एनआरसी की निंदा करते हुए नारेबाजी की.

मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन


वहीं, मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों से कई मराठी लेखक, कलाकार और पत्रकार संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ जारी प्रदर्शन में शामिल हुए. साथ ही उन्होंने जेएनयू में हुई हिंसा की भी निंदा की. दक्षिण मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के पास आजाद मैदान में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारतीयता और देश की सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित रखने के लिए सीएए, एनआरसी और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को रद्द करने की मांग की. प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाली प्रमुख हस्तियों में अभिनेता एवं लेखक किशोर कदम, मराठी साहित्य सम्मेलन के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीकांत देशमुख, कवयित्री एवं गल्प लेखिका प्रज्ञा पवार, समालोचक हरिशचंद्र थोराट, कवयित्री नीरजा और समालोचक गणेश विस्पुते शामिल थे. (इनपुट एजेंसी)