नई दिल्‍ली: सोमवार रात को भारतीय सैनिकों के चीनी सैनिकों से हुए हिंसक टकराव के बाद आज मंगलवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ डिफेंस स्‍टॉफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ मीटिंग की हैं. इस मीटिंग में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूर रहे हैं. वहीं, चीन ने भारतीय सैनिकों पर सीमा पार करके हमला करने का आरोप लगाया है. Also Read - देश में 24 घंटे में कोराना के 24 हजार से ज्‍यादा नए मामले, कुल आंकड़ा 7 लाख के पास

भारतीय सेना और चीन की सेना के बीच सोमवार रात को हिंसक टकराव’ हुआ है, जिसमें भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए हैं. सेना ने बताया कि दोनों पक्षों के सैनिकों को नुकसान हुआ है. सेना के अधिकारी ने बताया कि भारत और चीन की सेना के वरिष्ठ अधिकारी लद्दाख में तनाव कम करने के लिए बैठक कर रहे हैं. सेना ने बयान में कहा है, लद्दाख के गालवान घाटी में चीन के साथ डी-एस्केलेशन प्रक्रिया के दौरान “हिंसक सामना” में “दोनों पक्षों को हताहत हुए”. Also Read - चीन में फैली एक और बीमारी! अब मंडराया मानव प्लेग महामारी फैलने का खतरा

ताजा जानकारी के मुताबिक, आर्मी चीफ एमएम नरवणे ने अपना पठानकोट का दौरा रद्द कर दिया है.

चीन के सरकारी मीडिया ग्‍लोबल टाइम्‍स के मुताबिक, उनके उनके विदेश मंत्री ने कहा है, चीन और भारत दोनों पक्ष दि्वपक्षीय बातचीत से सीमा के इलाकों पर शांति बनाए रखने के लिए सहमत हैं. चाइनीज सरकारी मीडिया ग्‍लोबल टाइम्‍स के मुताबिक चीन के विदेश मंत्री ने कहा है, चीन ने भारतीय पक्ष के सामने गंभीर आपत्ति और अपनी एकपक्षीय कार्रवाई करने से सख्‍ती से रोक लगाने का आग्रह किया है, जिससे सीमा की स्थिति जटिल हो सकती है.


ग्‍लोबल टाइम्‍स के मुताबिक के मुताबिक, चीन और भारतीय पक्ष ने सीमा की स्थिति को आसान बनाने और सीमा क्षेत्रों में शांति और शांति बनाए रखने के लिए बातचीत के माध्यम से द्विपक्षीय मुद्दों को हल करने पर सहमति व्यक्त की है.

बता दें कि भारतीय सेना ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘गलवान घाटी में तनाव कम करने की प्रक्रिया के दौरान सोमवार रात हिंसक टकराव हो गया. इस दौरान भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए.’

बीते पांच हफ्तों से गलवान घाटी में बड़ी संख्या में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने खड़े थे. यह घटना भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे के उस बयान के कुछ दिन बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के सैनिक गलवान घाटी से पीछे हट रहे हैं.

बता दें कि बीते दिनों रक्षा मंत्र‍ी सिंह ने कहा था कि देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम किसी भी सूरत में भारत के स्वाभिमान को चोट नहीं पहुंचने देंगे. चीन के साथ जो परिस्थितियां पैदा हुई हैं उसे सुलझाने की कोशिश जारी है. भारत की भी कोशिश है कि तनाव किसी भी सूरत में न बढ़े. मिलिट्री और डिप्‍लोमैटिक स्तर पर दोनों देश के बीच बातचीत जारी है.