नई दिल्‍ली: चीन से सीमा विवाद के तनाव के बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को तीनों सेनाओं के प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ से एक खास मीटिंग की है. रक्षा मंत्री सिंह ने इसमें सुरक्षा का रिव्‍यू किया है. इस मीटिंग में वायुसेना प्रमुख (एयरचीफ मार्शल) आरकेएस भदौरिया, आर्मी चीफ जनरल जनरल एमएम नरावने और इंडियन नेवी चीफ एडमिरल करमबीर सिंह मौजूद रहे. Also Read - जम्मू-कश्मीऱ: अनंतनाग में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़, इलाके में शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन

वहीं, चीन से तनाव के बीच दिल्‍ली में बुधवार से सेना की तीन दिनी कमांडर्स कॉन्‍फ्रेंस शुरू होने जा रही है. Also Read - Jammu and Kashmir Latest news: कश्मीर के बारामूला में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी समेत तीन आतंकवादी ढेर

बता दें कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास कई क्षेत्रों में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है और 2017 के डोकलाम गतिरोध के बाद यह सबसे बड़ी सैन्य तनातनी का रूप ले सकती है.

उच्च पदस्थ सैन्य सूत्रों का कहना है कि भारत ने पैंगोंग त्सो और गलवान घाटी में अपनी स्थिति मजबूत की है. इन दोनों विवादित क्षेत्रों में चीनी सेना ने अपने दो से ढाई हजार सैनिकों की तैनाती की है और वह धीरे-धीरे अस्थायी निर्माण को मजबूत कर रही है.

गलवान घाटी में दरबुक शयोक दौलत बेग ओल्डी सड़क के पास भारतीय चौकी केएम-120 के अलावा कई महत्वपूर्ण ठिकानों के आसपास चीनी सैनिकों की मौजूदगी भारतीय सेना के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है.

सूत्रों ने कहा कि पैंगोंग त्सो, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी क्षेत्र में दोनों देश की सेनाओं के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए राजनयिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है.

हाल ही में चीनी सैनिकों के भारतीय क्षेत्र में पहुंचने और भारतीय जवानों के साथ उनके टकराव की खबरें आईं थीं. दूसरी तरफ, नेपाल की सरकार ने अपने राजनीतिक मानचित्र में भारत के कुछ क्षेत्रों को अपने भूभाग के तौर पर दिखाया जिस पर भारत सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.