नई दिल्ली: रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर झूठ फैलाने के लिए हमला किया और सवाल किया कि क्या वह संसद में माफी मागेंगे और इस्तीफा देंगे. उन्होंने ट्वीट किया, “यह शर्मनाक है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष झूठ फैला रहे हैं और देश को गुमराह कर रहे हैं. एचएएल ने 2014 से 2018 के बीच 26,570.8 करोड़ रुपए का अनुबंध किया था और 73,000 करोड़ रुपए के अनुबंध पर वार्ता चल रही है.” उन्होंने कहा, “क्या राहुल गांधी लोकसभा के माध्यम से देश से माफी मागेंगे और इस्तीफा देंगे?”

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को एक लाख करोड़ रुपए का सरकारी ऑर्डर देने के मामले में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर संसद में झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि वह सदन में अपने बयान के समर्थन में या तो दस्तावेज पेश करें या इस्तीफा दें. वहीं, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने गांधी की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि जिस रिपोर्ट का आप हवाला दे रहे हैं उसे पूरा पढ़ें. गांधी द्वारा टैग की गई समाचारपत्र की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए रक्षामंत्री ने कहा, “आप (राहुल गांधी) द टाइम्स ऑफ इंडिया की जिस रिपोर्ट का उल्लेख कर रहे हैं, कृपया उसकी पूरी रिपोर्ट पढ़ें, जिसमें लिखा है, ‘हालांकि लोकसभा के आंकड़े बताते हैं कि सीतारमण ने दावा नहीं किया कि ठेके दे दिए गए हैं, बल्कि उन पर वार्ता चल रही है.”

गांधी ने सरकार पर निशाना तब साधा है जब एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ”एचएएल के पास एक लाख करोड़ रुपए में से एक भी रुपया नहीं आया है. दावे के विपरीत अब तक एक भी ऑर्डर पर हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं. मीडिया रिपोर्ट में अपने दावे के समर्थन में एचएएल प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी को उद्धृत किया गया है.

रक्षा मंत्री ने ट्विटर पर उस मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने संसद में यह नहीं कहा है कि एचएएल को दिए गए ऑर्डर पर हस्ताक्षर हो गए हैं. रिपोर्ट के साथ ट्वीट किया, ”बहरहाल, लोकसभा का रिकॉर्ड दिखाता है कि सीतारमण ने यह दावा नहीं किया कि ऑर्डर पर हस्ताक्षर हो गए हैं और कहा कि उनपर काम चल रहा है.”

सीतारमण का जवाब कांग्रेस अध्यक्ष के उस हमले के बाद आया है , जिसमें उन्होंने कहा था, ”जब आप झूठ बोलते हैं, तो उसके समर्थन में आपको और झूठ बोलने पड़ते हैं. राफेल पर प्रधानमंत्री के झूठ का बचाव करने के लिए रक्षा मंत्री ने संसद में झूठ बोला.” उन्होंने कहा, ”कल रक्षा मंत्री संसद में एचएएल को एक लाख करोड़ रुपए का ऑर्डर देने का दस्तावेज पेश करें या इस्तीफा दें.

सीतारमण के दफ्तर ने बाद में ट्वीट किया, ” प्रिय श्री राहुल गांधी, ऐसा लगता है कि आपको ए बी सी… से शुरू करने की वास्तव में जरूरत है. आपके जैसे लोग जिनपर जनता को गुमराह करने का भूत सवार है, वह लेख को पढ़े बिना ही उससे उद्धृत कर देते हैं.”

रक्षा मंत्री के कार्यालय ने गांधी पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि एचएएल ने 2014 से 2018 के बीच 26,570.8 करोड़ रुपए के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं और 73,000 करोड़ रुपए के अनुबंधों पर हस्ताक्षर होने हैं. रक्षामंत्री के कार्यालय ने कहा, क्या राहुल गांधी सदन के पटल से देश से माफी मांगेंगे और इस्तीफा देंगे?

कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रही है कि उसने फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमान सौदे के तहत एचएएल को ऑफसेट अनुबंध से वंचित कर दिया. सरकार इन आरोपों का खंडन किया है. उधर, बीजेपी नीत एनडीए सरकार ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि उसने अपने शासनकाल में एचएएल की मदद नहीं की और सरकार अब रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम को मजबूत कर रही है.

गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने सूट-बूट वाले दोस्तों की मदद करने के लिए एचएएल को कमजोर किया है.

रक्षा मंत्री का यह बयान राहुल के उस आरोप के बाद आया है, जिसमें राहुल ने रक्षामंत्री से उनके उस दावे को साबित करने के लिए संसद में दस्तावेज पेश करने या इस्तीफा देने की मांग की है, जिसमें निर्मला ने कहा था कि मोदी सरकार ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को एक लाख करोड़ रुपए के ठेके दिए हैं. सीतारमण के शुक्रवार को लोकसभा में यह दावा करने के दो दिन बाद गांधी ने ट्विटर पर उनके दावों पर सवाल करते हुए एक मीडिया रपट को टैग किया, जिसके अनुसार कोई वास्तविक ठेका नहीं दिया गया है.

गांधी ने कहा, “जब आप एक झूठ बोलते हैं, तो आपको पहला झूठ छिपाने के लिए और ज्यादा झूठ बोलने पड़ते हैं. प्रधानमंत्री के राफेल के झूठ को छिपाने की जल्दबाजी में रक्षामंत्री ने संसद में झूठ बोला.” उन्होंने कहा, “कल (सोमवार) रक्षामंत्री को संसद में सरकार द्वारा एचएएल को एक लाख करोड़ रुपए के ठेके के दस्तावेज पेश करने चाहिए या उन्हें इस्तीफा देना चाहिए.”

गांधी ने इससे पहले संसद में बहस के दौरान फ्रांस से 36 लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे का बचाव कर रहीं सीतारमण के दावे को खारिज करते हुए रक्षामंत्री पर उनके सवालों से बचने का आरोप लगाया था.