हजीराः रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को 51वीं के-9 व्रज-टी तोप को सूरत के हजीरा स्थित लार्सन एंड टुब्रो बख्तरबंद प्रणाली परिसर में हरी झंडी दिखाई. लार्सन एंड टुब्रो ने रक्षा मंत्री को के-9 वज्र-टी तोप की मारक क्षमता के विभिन्न प्रदर्शन दिखाए. सिंह इस तोप में बैठे और इसे हजीरा परिसर के आसपास चलाया. Also Read - India vs England: अक्षर की तारीफ करते-करते ये गुजरात को लेकर क्या बोल गए विराट कोहली! क्यों आई रविंद्र जडेजा की याद

इस तोप का वजन 50 टन है और यह 47 किलोग्राम के गोले 43 किलोमीटर की दूरी तक दाग सकती है. यह स्वचालित तोप शून्य त्रिज्या पर भी घूम सकती है. रक्षा मंत्रालय ने केंद्र की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारतीय सेना के लिए एल एंड टी कंपनी को 2017 में के9 वज्र-टी 155मिमी/52 कैलीबर तोपों की 100 यूनिट आपूर्ति के वास्ते 4,500 करोड़ रुपये का करार किया था. Also Read - 2 दिन में टेस्ट मैच जीतकर भारत ने रचा इतिहास, इन 5 कारणों के चलते विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल खेलेगी टीम इंडिया

मंत्रालय द्वारा किसी निजी कंपनी को दिया गया यह सबसे बड़ा सौदा है जिसके तहत 42 महीने में इन तोपों की 100 यूनिट आपूर्ति की जानी हैं. तोप पर रक्षा मंत्री ने तिलक लगाया और कुमकुम से ‘स्वास्तिक’ का निशान बनाया. पूजा के दौरान उन्होंने तोप पर फूल भी चढ़ाए और नारियल भी फोड़ा. Also Read - Ind vs Eng: इंग्लैंड को हरा MS Dhoni से आगे निकले कोहली, मोटेरा के मैदान पर टूटे कई रिकॉर्ड

आपको बता दें कि इससे पहले राजनाथ सिंह ने राफेल लड़ाकू विमान में तिलक और स्वास्ति बनाया था और उसके पहियो के नीचे नीबू रखा था. रक्षा मंत्री के इस काम का  विपक्षी पार्टियों ने घोर विरोध किया था ओर इसे दिखावा बताया था.