नई दिल्ली: भारत-चीन सीमा पर पिछले कई महीने से लगातार तनाव बना हुआ है. चीन द्वारा लगातार भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश व भारतीय सैनिकों को भड़काने की कोशिश की जा रही है. लेकिन भारतीय सेना के जवान भी शांतिपूर्ण तरीके से और यथास्थिति हालात से निपटने में माहिर हैं. वैसे देखा जाए तो चीन कहीं न कहीं सीमा के पास हो रहे अवसंरचना के निर्माण से बौखलाया हुआ है. चीन नहीं चाहता है कि भारत और चीन सीमा के पास भारत सरकार कोई सड़क, पुल या हवाई पट्टी का निर्माण करे. क्योंकि चीन को डर यही है कि अगर चीन ने दोबारा कभी भारत के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई करने की सोची भी तो भारतीय सेना आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान जाकर चीनी मंसूबों को नाकाम कर देगी.Also Read - NABARD: नाबार्ड ने ओडिशा में 35 पुलों के निर्माण के लिए 356 करोड़ रुपये मंजूर किए

इसी कड़ी में आज भारतीय सेना व भारत सरकार के लिए अहम दिन है. क्योंकि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज चीन से सटी सीमाओं पर कुल 43 पुलों का उद्घाटन करने वाले हैं. इसमें से लद्दाख में 7, जम्मू-कश्मीर में 10, हिमाचल प्रदेश में 2, पंजाब में 4, अरुणाचल प्रदेश में 8, उत्तराखंड में 8 और सिक्किम में 4 पुलों का उद्घाटन किया जाना है. बता दें कि इन सभी पुलों का निर्माण सीमा सड़क संगठन (Border Roads Organisation-BRO) ने किया है. Also Read - राजनाथ सिंह ने दुशान्बे में बेलारूस के रक्षा मंत्री से द्विपक्षीय वार्ता की

यही नहीं गुरुवार के दिन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह अरुणाचल प्रदेश के तवांग में बन रहे निचिफू सुरंग की भी नींव रखेंगे. इसका निर्माण भी BRO को करना है. इस सुरंग के बन जाने के बाद भारतीय सेना को मैकमोहन लाइन तक ले जाना और भी आसान हो जाएगा. साथ ही सेना के लिए रसद या सेना की तैनाती भी सुनिश्चित हो जाएगी. बता दें कि जिन 43 पुलों का उद्घाटन आज रक्षामंत्री करेंगे, उनमें से 22 पुलों का सीधा संबंध भारतीय सेना से है, क्योंकि इन्हीं मार्गों के जरिए भारतीय सेना के जवान, आर्टिलेरी, उनके लिए रसद भेजे जाते हैं. चीन जैसा पड़ोसी देश अगर भारत का हो और दूसरी तरफ पाकिस्तान की नापाक सरकार तो भारतीय सेना व सरकार को इन आधारभूत चीजों पर ध्यान देना अतिआवश्यक है Also Read - ममता बनर्जी ने विधानसभा में कहा- मैंने राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज जैसे BJP नेताओं को देखा है, लेकिन...