नई दिल्ली: रूस की राजधानी मास्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के मंत्री स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ईरान के लिए रवाना हो गए. खुद रक्षा मंत्री ने इसकी जानकारी दी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वे मास्को से तेहरान (ईरान की राजधानी) जा रहे हैं जहां वे ईरान के रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल अमिर हातमी से मुलाकात करेंगे. Also Read - राजनाथ सिंह का बयान- चीन ने भारत के इतने भू-भाग पर किया है कब्जा, समझौते का लगातार कर रहा उल्लंघन

बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ का ईरान दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि फारस की खाड़ी में ईरान, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से जुड़ी कई घटनाओं के कारण क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है. भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह फारस की खाड़ी में बनी स्थिति पर काफी चिंतित है और क्षेत्र के देशों से आपसी सम्मान पर आधारित वार्ता के जरिए अपने मतभेद सुलझाने का आह्वान किया. Also Read - LAC को लेकर विपक्ष के साथ बंद कमरे में बात कर सकती है सरकार

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘फारस की खाड़ी की स्थिति पर हम काफी चिंतित है . ’’ खाड़ी के सभी देशों के साथ भारत के सभ्यतागत और सांस्कृतिक जुड़ाव तथा व्यापक हित होने का उल्लेख करते हुए सिंह ने क्षेत्र के देशों को आपसी सम्मान पर आधारित वार्ता के जरिए मतभेद सुलझाने का आह्वान किया . Also Read - राजनाथ सिंह के बयान से चीन को लगी मिर्ची, बोला- सर्दियों में भारत को होने वाली है दिक्कत

उन्होंने कहा, ‘‘हम क्षेत्र के देशों से आपसी सम्मान, संप्रभुता और एक दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने की नीति पर आधारित वार्ता के जरिए मतभेद सुलझाने का आह्वान करते हैं. क्षेत्र के सभी देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंध हैं.’’ पिछले महीने ईरान की नौसेना ने होरमुज जलसंधि के पास एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया था. इस पर लाइबेरिया का ध्वज लगा हुआ था. अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र कहता है. ईरान ने इस क्षेत्र में तेल टैंकरों की आवाजाही रोकने की धमकी दी थी.