कोलकाता: रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) ने मंगलवार को भारतीय नौसेना को चौथा पनडुब्बी रोधी टोही युद्धपोत सौंपा. एक अधिकारी ने बताया कि कोलकाता स्थित जीआरएसई ने प्रोजेक्ट 28 के तहत चार पनडुब्बी रोधी टोही युद्धपोत (एएसडब्ल्यूसी) की श्रृंखला में अंतिम युद्धपोत कवरत्ती का निर्माण किया है. Also Read - Aaj ka Rashifal, Horoscope Today May 19: कैसा रहेगा आज आपका दिन? क्या कहते हैं आपके सितारे- जानें अपनी राशि का हाल...

जीआरएसई के एक अधिकारी ने बताया कि श्रृंखला के पहले तीन युद्धपोतों की आपूर्ति पहले की जा चुकी है जो भारतीय नौसेना के ईस्टर्न फ्लीट का एकीकृत हिस्सा हैं. इनमें आईएनएस कामोरता, आईएनएस कदमत्त और आईएनएस किल्तान हैं. Also Read - Google I/O 2021: लॉन्च हो गया Android 12 ओएस, कई शानदार फीचर्स से है लैस

अधिकारी के अनुसार ये युद्धपोत मलेशिया, सिंगापुर तथा अन्य देशों में कई समुद्री अभियानों तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री प्रदर्शनियों में शामिल रहे हैं. प्रोजेक्ट 28 को 2003 में मंजूरी दी गयी थी. इसके तहत निर्मित टोही युद्धपोतों का नाम लक्षद्वीप द्वीपसमूह के टापुओं के नाम पर रखा गया है. Also Read - Google I/O 2021: यूजर्स को मिलेंगे नए प्राइवेसी टूल्स समेत कई खास फीचर्स, कंपनी ने किया ऐलान

अधिकारी ने बताया कि आईएनएस किल्तान ने हाल ही में प्रतिष्ठित मालाबार 2019 युद्धाभ्यास में भाग लिया था जिसमें भारत-जापान-अमेरिका की नौसेनाओं ने सहयोग बढ़ाने के लिए अभ्यास किया था.

(इनपुट भाषा)