Defense Ministry statement on Rahul Gandhi: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के उन आरोपों से इनकार किया है जिनमें उन्होंने कहा था कि भारत सकार ने ‘भारत माता का एक टुकड़ा’ चीन को दिया. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एलएसी (LAC) फिंगर 8 तक है न कि फिंगर 4 तक.Also Read - मैं Ajinkya Rahane को 2 साल पहले बाहर कर चुका होता... Sanjay Manjrekar ने निकाली भड़ास

भारत ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में पैंगोग सो (झील) इलाके में सैनिकों को पीछे हटाने के लिए चीन के साथ एक समझौते को अंतिम रूप दिये जाने के परिणामस्वरूप किसी भी इलाके से दावा नहीं छोड़ा है. सरकार का यह बयान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार ने ‘भारत माता का एक टुकड़ा’ चीन को दे दिया. साथ ही, उन्होंने इस समझौते को लेकर भी सवाल उठाये. Also Read - Corona Update: कोरोना से अब तक दुनियाभर में कुल 36 करोड़ लोग संक्रमित, 56 लाख से ज्यादा की मौत

इस पर, रक्षा मंत्रालय ने कड़े शब्दों वाला एक बयान जारी कर कहा कि पूर्वी लद्दाख सेक्टर में देश के राष्ट्रीय हित और भूभाग की प्रभावी तरीके से रक्षा की गई है, क्योंकि सरकार ने सशस्त्र बलों की ताकत पर पूरा भरोसा दिखाया है. बयान में कहा गया है, ‘‘जिन्हें हमारे सैन्य कर्मियों के बलिदान से हासिल की गई उपलब्धियों पर संदेह है, दरअसल वे उनका (शहीद सैनिकों का) असम्मान कर रहे हैं.’’ Also Read - Punjab Elections 2022: राहुल गांधी की अमृतसर मीटिंग से दूर रहे 5 कांग्रेस सांसद, एक MP ने दी ये सफाई

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह कहना सरासर गलत है कि पैंगोंग सो इलाके में भारतीय भूभाग फिंगर 4 तक है. मंत्रालय ने कहा, “भारत चीन के साथ मौजूदा सहमति समेत फिंगर आठ तक गश्त करने के अपने अधिकार का निरंतर इस्तेमाल करता रहा है.” मंत्रालय ने आगे कहा कि भारत ने चीन के साथ हुए समझौते के परिणामस्वरूप किसी भी इलाके पर दावा नहीं छोड़ा है. यहां तक कि भारत की धारणा के मुताबिक वास्तविक नियंत्रण रेखा फिंगर आठ पर है, ना कि फिंगर चार पर.

रक्षा मंत्रालय ने राहुल गांधी के सवालों पर स्टेटमेंट जारी किया है. इसमें कहा गया है कि पैंगोग सो के उत्तरी किनारे पर दोनों तरफ की स्थायी चौकियां टिकाऊ और बखूबी स्थापित हैं. इसके अलावा किसी भी क्षेत्र को नहीं सौंपा गया, बल्कि एलएसी का सम्मान किये जाने को लागू किया गया और एकतरफा तरीके से यथास्थिति में किसी भी बदलाव को रोका गया.

इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चीन के साथ सीमा पर गतिरोध को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से संसद के दोनों सदनों में दिए गए वक्तव्य की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ भारत माता का एक टुकड़ा ’ चीन को दे दिया. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री चीन के सामने झुक गए और उन्होंने सैनिकों की शहादत के साथ विश्वासघात किया है.

बयान में कहा गया है, ‘‘भारत ने समझौते के परिणामस्वरूप किसी भी इलाके पर दावे को नहीं छोड़ा है. इसके उलट, उसने एलएससी का सम्मान सुनिश्चित किया और एकतरफा तरीके से यथास्थिति में कोई बदलाव करने से रोका है.’’ मंत्रालय ने यह भी कहा पैंगोंग सो के उत्तरी तट पर दोनों तरफ की चौकियां पहले से हैं और अच्छी तरह से काम कर रही हैं.

राहुल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘सरकार अपने पुराने रुख को भूल गई. चीन के सामने नरेंद्र मोदी ने अपना सिर झुका दिया, मत्था टेक दिया. हमारी जमीन फिंगर 4 तक है. मोदी ने फिंगर 3 से फिंगर 4 की जमीन जो हिंदुस्तान की पवित्र जमीन थी, चीन को सौंप दी है.’’

गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों को बताया कि चीन के साथ पैंगोंग झील के उत्तर एवं दक्षिण किनारों पर सेनाओं के पीछे हटने का समझौता हो गया है और भारत ने इस बातचीत में कुछ भी खोया नहीं है.

(इनपुट भाषा)