नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में ठंड से हुई मौतों के लिए उपराज्यपाल अनिल बैजल पर निशाना साधा है. केजरीवाल ने कहा कि उपराज्यपाल ने दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डियूएसआईबी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को नियुक्त करने से पहले दिल्ली सरकार से चर्चा नहीं की. यह विभाग शहर में बेघरों के लिए रात्रि आश्रय के मामले को देखता है. Also Read - Delhi Pollution: दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में, 26 अक्टूबर को सुधार की उम्मीद

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केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा, मीडिया ने ठंड की वजह से 44 बेघरों की मौत की रिपोर्ट प्रकाशित की है. मैं सीईओ, डियूएसआईबी को कारण बताओ नोटिस जारी कर रहा हूं. पिछले वर्ष लापरवाही से मौतें हुईं. इस साल उपराज्यपाल ने एक बेकार के अफसर की नियुक्ति कर दी है. उपराज्यपाल ने अधिकारियों की नियुक्ति से पहले हमसे सलाह भी नहीं ली. हम इस तरह कैसे सरकार चलाएंगे? Also Read - Delhi Air pollution: गंभीर रूप से प्रदूषित है दिल्ली की एक चौथाई हवा, जानिए कब होगा सुधार

वहीं सीएम अरविंद केजरीवाल के ट्वीट के बाद आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने रिट्वीट किया, उन्होंने लिखा जिस अधिकारी को नियुक्त किया गया था विधानसभा की कमिटी ने उनके सर्विस रिकॉर्ड को लेकर नकारात्मक टिप्पणी की थी. जिसके बाद इस अधिकारी का बचाव करने के लिए चीफ सेक्रटरी कुट्टी हाई कोर्ट पहुंच गए थे. ऐसे अधिकारियों के खिलाफ एलजी कभी कार्रवाई नहीं करेंगे.

बीजेपी ने बोला केजरीवाल पर हल्ला

बीजेपी ने दिल्ली में 44 बेघर लोगों की मौत को लेकर आप सरकार पर सवाल उठाए. बीजेपी ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रुचि दिखाई होती तो उनकी जिंदगियों को बचाया जा सकता था. भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने बताया, जनवरी 2018 के पहले सप्ताह में कम से कम 44 बेघर लोगों की मौत हो गई और इस जानकारी की गृह मंत्रालय ने पुष्टि कर दी है. उन्होंने कहा कि एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराना छोड़िए और सभी दलों की एक बैठक बुलाइए कि कैसे शहर में इन बेघर लोगों को बचाया जाए.