दिल्ली में आज से BS-3 और BS-4 कैटेगरी वाली गाड़ियों की NO Entry, इन व्हीकल्स को मिलेगी छूट, ड्राइव करने से पहले जान लें डिटेल

18 दिसंबर की सुबह से दिल्ली की सीमाओं पर सख्ती बढ़ा दी जाएगी. दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड सिर्फ उन्हीं गाड़ियों को दिल्ली में एंट्री मिलेगी, जो BS-6 कैटेगरी वाली होंगी. BS-2, BS-3 और BS-4 कैटेगरी की पुरानी गाड़ियों को दिल्ली में एंट्री करने नहीं दिया जाएगा.

Published date india.com Updated: December 18, 2025 12:00 AM IST
दिल्ली में आज से BS-3 और BS-4 कैटेगरी वाली गाड़ियों की NO Entry, इन व्हीकल्स को मिलेगी छूट, ड्राइव करने से पहले जान लें डिटेल
BS-VI गाड़ियां कम सल्फर फ्यूल और एडवांस टेक्नोलॉजी से चलती हैं. 1 अप्रैल 2020 की सभी गाड़ियां BS-VI कैटेगरी की हैं.

देश की राजधानी दिल्ली की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है. पॉल्यूशन का लेवल बढ़ता जा रहा है. इस संकट को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने पॉल्यूशन फैलाने वाली गाड़ियों पर सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है. इसका असर सीधे तौर पर दूसरे राज्यों आने वाली गाड़ियों पर पड़ने वाला है. सरकार गुरुवार (18 दिसंबर) से पुरानी गाड़ियों पर नए नियम लागू करने जा रही है.

इस नियम का मुख्य उद्देश्य पुराने डीजल और पेट्रोल इंजन वाले बड़े कॉमर्शियल व्हीकल से होने वाले पॉल्यूशन को कम करना है. 202324 के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में करीब 79.45 लाख रजिस्टर्ड कॉमर्शियल व्हीकल हैं.

क्या है नया नियम?
18 दिसंबर की सुबह से दिल्ली की सीमाओं पर सख्ती बढ़ा दी जाएगी. दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड सिर्फ उन्हीं गाड़ियों को दिल्ली में एंट्री मिलेगी, जो BS-6 कैटेगरी वाली होंगी. BS-2, BS-3 और BS-4 कैटेगरी की पुरानी गाड़ियों को दिल्ली में एंट्री करने नहीं दिया जाएगा. फिर चाहे ये गाड़ियां प्राइवेट हो या फिर कमर्शियल… ये राजधानी में दाखिल नहीं कर सकती.

BS व्हीकल कैटेगरी को समझें

  • BS यानी भारत स्टेज. पॉल्यूशन स्टैंडर्ड के हिसाब से गाड़ियों को कैटेगरी में डिवाइड किया गया है.  पेट्रोल और डीजल गाड़ियों से निकलने वाले धुएं, नाइट्रोजन ऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर की सीमा को देखते हुए ये स्टैंडर्ड तय हुए हैं.
  • इसमें BS-VI (6) सबसे लेटेस्ट और सख्त पॉल्यूशन स्टैंडर्ड है. इसमें गाड़ियों में बहुत कम धुआं और हानिकारक गैस निकलती हैं.
  • BS-VI गाड़ियां कम सल्फर फ्यूल और एडवांस टेक्नोलॉजी से चलती हैं. 1 अप्रैल 2020 की सभी गाड़ियां BS-VI कैटेगरी की हैं.
  • 2017 से मार्च 2020 तक बेची गईं गाड़ियां BS-IV (4) कैटेगरी में आती हैं. ये गाड़ियां BS-VI की तुलना में कहीं ज्यादा धुआं और हानिकारक गैस छोड़ती हैं.
  • 2010 से पहले बेची गईं गाड़ियों को BS-III (3) कैटेगरी में डाला गया है. ये बाकी दो कैटेगरी से कहीं ज्यादा धुआं छोड़ती हैं और पॉल्यूशन फैलाती हैं.
  • 2010 से 2017 के बीच वो गाड़ियां तो अपग्रेड नहीं हुईं, BS-III में आती हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने दी कार्रवाई की मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार में दिल्ली के बढ़ते एयर पॉल्यूशन पर सुनवाई हुई. दिल्ली सरकार ने कोर्ट से पुराने व्हीकल के खिलाफ एक्शन की परमिशन मांगी थी. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने 12 अगस्त के आदेश में बदलाव किया है. अदालत ने साफ किया है कि अब दिल्लीNCR में सिर्फ BS-IV और उससे नए व्हीकल को ही छूट मिलेगी. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल व्हीकल के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिनका पॉल्यूशन लेवल BS-IV से नीचे का है. यानी BS-IV कैटेगरी वाले व्हीकल को भले ही राहत मिले, लेकिन BS-III वालों को कोई छूट नहीं मिलने वाली.

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किन राज्यों पर सबसे ज्यादा असर?
इस नए नियम का असर उत्तर प्रदेश (नोएडा, गाजियाबाद), हरियाणा (गुरुग्राम, फरीदाबाद), राजस्थान, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड के दिल्ली-रूट ट्रांसपोर्टर और महाराष्ट्र/एमपी से नॉर्थ फ्रेट कॉरिडोर के ट्रांसपोर्ट पर पड़ेगा. दिल्ली के बाहर दूसरे राज्यों के लाखों ट्रक/टेम्पो/लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों पर असर पड़ेगा. BS-3 वाले व्हीकल दिल्ली नहीं आ सकेंगे, जिनका मुख्य रूट दिल्ली था. उन्हें रूट बदलकर NCR साइड से एंट्री करनी पड़ेगी या अपने व्हीकल अपग्रेड करने होंगे.

इंटर स्टेट बसों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
दिल्ली में कई अंतरराज्यीय बसें चल रही है. इनमें से ज्यादातर बसें BS-4 डीजल इंजन पर बेस्ड हैं. नए नियम के तहत इन बसों की एंट्री रोकी जाएगी. इससे जाहिर तौर पर यात्रियों की आवाजाही और बस संचालन पर भी पड़ सकता है.

किन्हें मिलेगी छूट?
दिल्ली या फिर अन्य राज्यों में रजिस्टर्ट CNG और इलेक्ट्रिक व्हीकल पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं होंगे. ये नियम सिर्फ पेट्रोल-डीजल से चलने वाली और गैर-BS-6 गाड़ियों के लिए है.

अगर जबरन एंट्री की तो?
दिल्ली में पहले से मौजूद गाड़ियों की भी पड़ताल की जाएगी. इस दौरान कोई गाड़ी तय मानकों से नीचे मिलती है, तो उन्हें जब्त कर लिया जाएगा. सरकार ने बताया की यह नियम समान रूप से सभी पर लागू होंगे.

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