नई दिल्ली. उत्तर भारत में लू का कहर जारी है. राष्ट्रीय राजधानी में धूल भरी गर्म हवाओं के कारण वायु के गुणवत्ता स्तर में गिरावट दर्ज की गई. राष्ट्रीय राजधानी में जहां अधिकतम और न्यूनतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस और 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. ‘केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड’ के आंकड़ों के अनुसार पीएम 10 का स्तर खतरे के निशान से बेहद अधिक दर्ज किया गया. दिल्ली-एनसीआर में यह 778 और विशेषकर दिल्ली में 824 दर्ज किया गया.

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दिल्ली में पीएम-10 का स्तर 981, पीएम-205 का स्तर 200 है. वहीं नोएडा की बात करें तो वहां पीएम-10 का स्तर 1135, पीएम-2.5 का स्तर 444 है. गाजियबाद में पीएम-2.5 का स्तर 458 और पीएम-10 का स्तर 922 है.

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मौसम विभाग की माने तो 16 जून के बाद दिल्ली वालों को गर्मी, तपन और धूल भरी आंधी से राहत मिल सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में 16 जून तक मानसून आ सकता है.

लाया जा सकता है सीवियर प्लस उपाय
दूसरी तरफ उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त ईपीसीए ने दिल्ली-एनसीआर से जुड़े राज्यों के मुख्य सचिवों को धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाने का परामर्श दिया है. पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) की सदस्य सुनीता नारायणन ने कहा, ‘‘हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं और यदि चीजें नहीं सुधरती हैं तो हम गंभीर से अधिक बिगड़ी स्थिति ‘ सीवियर प्लस ’ संबंधी उपाय ला सकते हैं.’’
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तीन दिन रहेंगे ऐसे ही हालत
ईपीसीए का फैसला ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में प्रदूषण का स्तर राजस्थान के अंधड़ की वजह से बहुत बढ़ गया है. यहां हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर से भी नीचे चली गई. पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि अगले तीन दिन तक ऐसी स्थिति बनी रहेगी.