
Gargi Santosh
गार्गी संतोष, जी मीडिया के India.com में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, और ... और पढ़ें
राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सियासत गरम है. जहरीली हवा की गंभीर स्थिति के बीच, दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के सक्सेना और आम आदमी पार्टी (आप) आमने-सामने आ गए हैं. एलजी ने पूर्व मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 11 सालों में दिल्ली सरकार ने प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर न सिर्फ उपेक्षा की, बल्कि आपराधिक स्तर की निष्क्रियता दिखाई, जिसकी कीमत आज दिल्ली की जनता चुका रही है.
उपराज्यपाल वी.के सक्सेना ने केजरीवाल को लिखे 15 पन्नों के पत्र में कहा कि आप की सरकार ने दिल्ली की हवा को सुधारने के लिए ठोस और दीर्घकालिक कदम नहीं उठाए. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा भाजपा सरकार बीते 10 महीनों में पिछली गलतियों को सुधारने की कोशिश कर रही है. लेकिन केजरीवाल और उनकी पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए बेवजह की जटिलताएं पैदा कर रही है. एलजी ने यह भी कहा कि विधानसभा चुनावों में हार के बावजूद आप ने आत्ममंथन नहीं किया और आज भी जनता से जुड़े मुद्दों पर राजनीति और भ्रम फैलाने में लगी हुई है।
एलजी के आरोपों पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी तीखा जवाब दिया है. पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने उपराज्यपाल पर निशाना साधते हुए कहा कि जब दिल्ली प्रदूषण की गंभीर मार झेल रही थी, तब एलजी साहब गुजरात दौरे पर चले गए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली की जहरीली हवा लोगों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रही है. लेकिन शायद इसका असर एलजी के दिमाग पर भी पड़ा है. ढांडा ने कहा कि उपराज्यपाल को यह तक याद नहीं कि अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नहीं, बल्कि रेखा गुप्ता हैं.
अपने पत्र में वी के सक्सेना ने अरविंद केजरीवाल के साथ नवंबर-दिसंबर 2022 में हुई बातचीत का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि गंभीर प्रदूषण के दौरान उन्होंने हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखे थे और इसकी प्रति केजरीवाल को भी भेजी थी. एलजी के मुताबिक, जब उन्होंने केजरीवाल से निर्णायक कदम उठाने की बात कही, तो जवाब मिला कि यह हर साल होने वाली समस्या है. जिस पर कुछ दिन मीडिया और अदालतें चर्चा करती हैं और फिर मामला ठंडा पड़ जाता है, सक्सेना ने इसे दोहरा रवैया करार दिया.
दिल्ली का वायु प्रदूषण अब सिर्फ पर्यावरण या स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का बड़ा विषय बन चुका है. एक तरफ एलजी पूर्व सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, तो दूसरी ओर आम आदमी पार्टी मौजूदा व्यवस्था और एलजी की भूमिका पर सवाल उठा रही है. इस सियासी खींचतान के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दिल्ली की हवा साफ करने के लिए सभी पक्ष मिलकर काम करेंगे या यह मुद्दा सिर्फ राजनीति की भेंट चढ़ता रहेगा. फिलहाल, जनता जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर है और समाधान का इंतजार कर रही है.
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