नई दिल्ली. मौसम संबंधी प्रतिकूल स्थितियों के कारण शनिवार को एक बार फिर दिल्ली की हवा बेहद खराब हो गई. हालांकि वायु गुणवत्ता में शुक्रवार को मामूली सुधार हुआ था. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 417 के स्तर पर पहुंच गया जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. बोर्ड ने कहा कि दिल्ली के 26 इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में रिकॉर्ड की गई जबकि आठ क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ दर्ज की गई.

सीपीसीबी ने कहा कि एनसीआर, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुड़गांव और नोएडा में भी वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई. अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को हवा की गति में कुछ तेजी आने के कारण राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ था लेकिन प्रतिकूल मौसमी पस्थितियों के चलते वायु गुणवत्ता फिर से गंभीर श्रेणी में चली गई. सीपीसीबी के मुताबिक, दिल्ली में समग्र पीएम 2.5 का स्तर 298 रिकॉर्ड किया गया जबकि पीएम 10 का स्तर 468 दर्ज हुआ.

आज बारिश की संभावना
एक्यूआई जब 100 से 200 के बीच रहता है तो यह ‘मध्यम’ श्रेणी में होता है, 201 से 300 के बीच ‘ खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है. अधिकारियों ने कहा कि शनिवार शाम पर्याप्त बारिश की संभावना है जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार हो सकता है, लेकिन उन्होंने आगह किया कि हल्की बारिश से हवा मंद होगी जिससे स्थिति और तेजी से बिगड़ेगी. केंद्र द्वारा संचालित, वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान प्रणाली (सफर) ने कहा कि तेज हवा चलने के साथ कोहरा छंटने की संभावना है.

उच्चतम न्यायालय ने दिया था आदेश
दिल्ली की वायु गुणवत्ता के मुद्देनजर, उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त पर्यावरण प्रदूषण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने राष्ट्रीय राजधानी में ट्रकों के प्रवेश पर 24 घंटे के प्रतिबंध का आदेश दिया था. ईपीसीए ने प्राधिकारियों से कहा कि गंभीर प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में शुक्रवार रात 11 बजे से शनिवार रात 11 बजे तक ट्रकों के प्रवेश पर रोक रहेगी. दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुख्य सचिवों को भेजे पत्र में, ईपीसीए के प्रमुख भूरे लाल ने उन्हें इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी में (जरूरी चीजों के ट्रकों को छोड़) ट्रकों के प्रवेश रोकने के निर्देश दिए.