नयी दिल्ली: संसद का बजट सत्र शुरू होने से एक दिन पहले, सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें विपक्ष ने किसानों की समस्या, बेरोजगारी और सूखे जैसे मसलों पर संसद में बहस कराए जाने की मांग की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन समेत सभी पार्टियों के नुमाइंदे शामिल हुए.

 

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बैठक के बाद कहा कि मोदी ने ‘एक देश, एक चुनाव’, 2022 में आजादी के 75 साल पूरे होने, इस साल महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने के लिए समारोहों के आयोजन और अन्य मुद्दे पर चर्चा के लिए लोकसभा और राज्यसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले, सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों की 19 जून को एक बैठक बुलाई है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए 20 जून को सांसदों की बैठक बुलाई है.

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए आजाद ने कहा कि जन हित वाले किसी भी विधेयक का हम विरोध नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या, बेरोजगारी एवं सूखे पर चर्चा होनी चाहिए. आजाद ने जम्मू कश्मीर में जल्द विधानसभा चुनाव कराए जाने की भी मांग की जहां फिलहाल राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है. कांग्रेस नेता ने पूछा कि अगर लोकसभा चुनाव कराए जा सकते हैं तो विधानसभा चुनाव क्यों नहीं कराए जा सकते?

उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि केंद्र राज्यपाल प्रशासन के जरिए राज्य की हुकूमत चलाना चाहता है. कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और के सुरेश भी बैठक में मौजूद थे. तृणमूल कांग्रेस के ओब्रायन ने इस सत्र में महिला आरक्षण विधेयक लाए जाने की मांग की जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई सीटों पर आरक्षण देने की बात कहता है. नवगठित सत्रहवीं लोकसभा की पहली बैठक 17 जून से 26 जुलाई तक होगी.