नई दिल्‍ली: देश की राजधानी दिल्‍ली में कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए उसके सभी बॉर्डर एक हफ्ते तक के लिए सील हैं. दिल्‍ली में दूसरे राज्‍यों से आने या जाने के वाले कुछ लोगों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है. उन्‍हें राजधानी दिल्‍ली में जाने या वहां से आने के लि‍ए  अपने पास दिखानेे जरूरी हैं. Also Read - दिल्ली में कोरोना के 2,008 नए मामले सामने आए, कुल संक्रमित संख्या 1,02,831 हुई; 3,165 की मौत

द‍िल्‍ली में आवाजाही के लिए जरूरी है इन्‍हें पास द‍िखाना
– आवश्यक सेवाओं में काम कर रहे लोग, जो पास धारक होंगे, उन्हें आने-जाने की अनुमति है Also Read - कोरोना महामारी से मुकाबले के लिए ‘हर्ड इम्यूनिटी’ की संभावना पर संदेह, इस अध्ययन में आई ये बात सामने 

– दिल्ली में काम करने वाले सरकारी कर्मचारी भी अपना पहचान पत्र दिखाकर आवाजाही कर सकते हैं Also Read - लॉकडाउन के कारण रद्द हुईं उड़ानें, लोगों का पैसा अटका; अब न्यायालय ने केन्द्र और डीजीसीए को भेजा नोटिस

– अंतरराज्यीय यात्रा की अनुमति संबंधित राज्यों /केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों या दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जरूरी सेवाओं या आपात परिस्थितियों के लिए जारी ई-पास को दिखाने पर दी जाएगी

आवश्यक सेवाओं में कौन?
-स्वास्थ्य सेवाएं, नगरपालिका सेवाएं, सब्जियों की आवाजाही, किराना और डेयरी आइटम, बैंकिंग संचालन, अन्य शामिल हैं. इन्‍हें दिल्ली की सीमाओं को पार करने की अनुमति है.

बता दें कि दिल्‍ली में काम करने वाले लोग हरियाणा के गुरुग्राम, यूपी के नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा या अन्‍य शहर से अपडॉउन करते हैं या राजधानी में रहने वाले लोग यूपी के नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा या अन्‍य शहरों में जाते हैं.

बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को घोषणा की कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामले के मद्देनजर उसकी सीमाएं फिलहाल एक सप्ताह तक बंद रहेंगी. उन्होंने उसके बाद उसे खोले जाने के संबंध में शुक्रवार तक सुझाव भी मांगे थे.