नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान गुरुवार शाम पांच बजे खत्म हो गया. चुनाव प्रचार अभियान में भाजपा की तरफ से कमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जे. पी. नड्डा में संभाल रखी थी. केंद्रीय गृह मंत्री ने 13 दिन तक प्रचार अभियान में हिस्सा लिया. उन्होंने 13 दिनों में 33 सभाएं और 8 रोड शो किए, जबकि भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने तकरीबन 54 सभाओं और रोड शो में भाग लिया.

भाजपा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आखिरी दौर में चुनाव प्रचार करने मैदान में उतरे. मोदी ने दिल्ली चुनाव में दो दिन प्रचार किया, तीन फरवरी को पूर्वी दिल्ली के शाहदरा में रैली की और 4 फरवरी को पश्चिमी दिल्ली के द्वारका में रैली की. आखिरी दो हफ्तों में भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान की कमान पूरी तरह से अमित शाह ने अपनी हाथ में ले ली. 23 जनवरी से 6 फरवरी के बीच शाह ने दिल्ली में 13 दिन प्रचार किया और कुल मिलाकर 53 सभा व रोड शो किए. शाह ने एक दिन एक कार्यकर्ता के घर डिनर किया. उन्होंने पैदल घर-घर जाकर वोट मांगे और तालकटोरा में बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया.

भाजपा ने आखिरी वक्त में यूपी के सीएम योगी को चुनाव मैदान में उतारा
शाहीन बाग के मुद्दे को भुनाने के लिए भाजपा ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को भी आखिरी वक्त में चुनाव प्रचार अभियान में उतारा. योगी आदित्यनाथ ने एक फरवरी से चार फरवरी तक चार दिन दिल्ली में प्रचार किया. योगी ने कुल 12 रैलियों को संबोधित किया. योगी ने ज्यादातर उन सीटों पर प्रचार किया जहां पूर्वांचल के वोटर बड़ी तादाद में हैं. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पांच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में 12 सभाओं को संबोधित किया.