Delhi Assembly Election: अपनी सीट छोड़ क्या जंगपुरा से जीत दर्ज कर पाएंगे मनीष सिसोदिया? जानें समीकरण

Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली की जंगपुरा विधानसभा सीट पर भी इस बार दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है. आइए जानते हैं कि क्या है इस सीट का सियासी समीकरण.

Published date india.com Published: January 22, 2025 10:03 AM IST
Delhi Assembly Election: अपनी सीट छोड़ क्या जंगपुरा से जीत दर्ज कर पाएंगे मनीष सिसोदिया? जानें समीकरण

Delhi Assembly Election: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी हलचल तेज है. सभी पार्टियों के बड़े-बड़े नेता प्रचार प्रसार में जुटे हुए हैं. ऐसे में हम आपको दिल्ली की अहम सीटों के समीकरण बता रहे हैं. यहां दिल्ली की जंगपुरा विधानसभा सीट की बात करते हैं. जहां से इस बार आम आदमी पार्टी के टिकट पर मनीष सिसोदिया चुनावी मैदान में हैं.

कांग्रेस ने इस सीट से फरहाद सूरी को चुनावी मैदान में उतारा है, जबकि बीजेपी ने तरविंदर सिंह मारवाह को टिकट दिया है. इस सीट पर भी तीनों नेताओं के बीच कांटे की टक्कर हो सकती है. जंगपुरा सीट पर आप से चुनाव लड़ रहे मनीष सिसोदिया के सामने बड़ी चुनौती है.

जंगपुरा सीट के समीकरण

सिसोदिया जंगपुरा सीट पर पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए उन्हें चुनाव जीतने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी. वहीं, बीजेपी प्रत्याशी मारवाह कभी कांग्रेस के ही चेहरे थे. वह जंगपुरा सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं. वह 2022 में भाजपा में चले गए थे.

कितनी है मतदाताओं की संख्या?

दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर वोटिंग 5 फरवरी को होगी और 8 फरवरी को रिजल्ट घोषित किए जाएंगे. जंगपुरा में मतदाताओं की बात करें को उनकी कुल संख्या 88561 है. इनमें पुरुष मतदाता 48227 हैं जबकि महिला वोटर्स की संख्या 40330 है. थर्ड जेंडर के मतदाता 4 हैं.

2020 विधानसभा चुनाव के नतीजे

2020 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार प्रवीण कुमार ने इस सीट से जीत हासिल की थी. उन्होंने बीजेपी के इम्प्रीत सिंह बख्शी को हराया था. कांग्रेस का उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहा. प्रवीण कुमार को कुल 45,133 वोट मिले जबकि बीजेपी के इम्प्रीत सिंह बख्शी को 29,29,070 वोट मिले.

सिसोदिया का सियासी सफर

आप ने इस बार मनीष सिसोदिया की सीट बदली है. मनीष सिसोदिया आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं. उनका राजनीतिक सफर संघर्षों से भरा रहा है. मनीष सिसोदिया का राजनीतिक जीवन 2011 में अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जुड़कर आगे बढ़ा. यहां उन्होंने अरविंद केजरीवाल के साथ काम किया.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

पटपड़गंज से तीन बार जीते चुनाव

आंदोलन के बाद दोनों ने मिलकर आम आदमी पार्टी का गठन किया. इसके बाद 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में मनीष सिसोदिया पटपड़गंज से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे और जीत हासिल की. 2015 और 2020 के चुनावों में भी लगातार इस सीट पर जीत दर्ज की.

हालांकि, इस बार वह पटपड़गंज के बजाय जंगपुरा से चुनाव लड़ रहे हैं. इसे लेकर तमाम तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं और मुख्य वजह उन आंकड़ों को बताया जा रहा है जिन्होंने पिछली बार सिसोदिया की पेशानी पर बल डाल दिया था. बमुश्किल सीट बचा पाए थे.

पिछली बार मिली थी कड़ी टक्कर

उस चुनाव में वे भाजपा के रविंद्र सिंह नेगी के मुकाबले पिछड़ रहे थे. कांटे की टक्कर में सिसोदिया 3,207 वोट के अंतर से जीत पाए थे. इस सियासी संग्राम में रविंद्र सिंह नेगी ने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था. उन्हें बीजेपी ने रिपीट किया है.

मनीष सिसोदिया के समर्थकों का मानना है कि उनका अनुभव और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान को देखते हुए, वह इस चुनाव में भी सफलता प्राप्त करेंगे. यह देखना दिलचस्प होगा कि राजनीति में उनका अनुभव और उन पर लगे आरोप के बाद जनता उन्हें कितना समर्थन देती है.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.