नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (AAP) अगले विधानसभा चुनाव में अपने लोकसभा प्रत्याशी पंकज गुप्ता को चांदनी चौक सीट से प्रत्याशी बना सकती है. सूत्रों ने यह जानकारी दी. गुप्ता अलका लांबा की जगह ले सकते हैं. लांबा ने पिछले रविवार को कहा था कि उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला किया और दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव वह बतौर निर्दलीय लड़ेंगी. आप ने कहा कि पार्टी उनका इस्तीफा मंजूर करने को तैयार है, यहां तक कि टि्वटर पर भी. पार्टी ने आरोप लगाया कि लांबा अपने विधानसभा क्षेत्र को नजरअंदाज कर रही हैं क्योंकि वह हमेशा ‘‘विदेश भ्रमण और छुट्टियों’’ में व्यस्त रहती हैं. दिल्ली में विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी में होने की संभावना है.

सूत्रों के अनुसार पार्टी लांबा की जगह किसी और को उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रही है और गुप्ता का नाम लगभग तय माना जा रहा है. हालांकि न तो पार्टी ने और न ही गुप्ता ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि की है. लोकसभा चुनाव में आप को जबर्दस्त हार मिली थी और पार्टी सभी सातों सीट पर चुनाव हार गई थी. गुप्ता को 9.8 लाख मत में से 1.44 लाख मत मिले थे और वह अपनी जमानत भी गंवा बैठे थे. सूत्रों के अनुसार गुप्ता को चुनाव लड़ने के लिए तैयारी शुरू करने को कहा गया है. इसके अलावा पार्टी करावल नगर, बिजवासन और गांधी नगर सीट के लिए भी उपयुक्त उम्मीदवार की तलाश में है जहां से विधायक कपिल मिश्रा, अनिल कुमार वाजपेई और देवेंद्र सहरावत को अयोग्य घोषित कर दिया गया है.

सूत्रों के अनुसार पार्टी बिजवासन विधानसभा सीट से भाजपा नेता किशन कुमार सहरावत को देवेंद्र की जगह चुनाव मैदान में उतारने पर विचार कर रही है, जबकि पार्टी सदस्य दुर्गेश पाठक को मिश्रा की जगह उतारा जा सकता है. आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आप पहले ही अपने विधायकों का आकलन शुरू कर चुकी है. विधायकों के प्रदर्शन के आकलन के लिये उन्होंने एक स्टार्ट-अप की सेवा ली है जो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट देगी. हालांकि उन्होंने स्टार्ट-अप के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी.

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पिछले महीने जन संपर्क कार्यक्रम ‘आपका विधायक आपके द्वार’ की समीक्षा के लिए पार्टी विधायकों की बैठक की अध्यक्षता की थी. दिल्ली में लोकसभा चुनाव हारने के बाद पार्टी ने यह जनसंपर्क कार्यक्रम शुरू किया था. कार्यक्रम के तहत विधायक लोगों से संपर्क करते हैं और उनकी समस्या के बारे में जानकारी लेते हैं. कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी गई है, जिसके तहत विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में लोगों से संपर्क बढ़ाएंगे.