नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए भाजपा की शनिवार सायं प्रदेश कार्यालय पर चुनाव समिति की बैठक हुई, जिसमें सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई. कमेटी ने स्क्रीनिंग कर हर सीट पर दो-दो मजबूत दावेदारों की लिस्ट तैयार की है. इसमें से वरीयता क्रम में नामों को रखते हुए सूची केंद्रीय चुनाव समिति को जाएगी, जिसके बाद पार्टी उम्मीदवारों की लिस्ट घोषित करेगी. Also Read - Delhi Assembly Election 2020 के दौरान किस राजनीतिक दल ने कहां-कितना किया खर्च, ADR ने किया खुलासा

राज्य चुनाव समिति की बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, डॉ. हर्षवर्धन, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन, संगठन मंत्री सिद्धार्थन प्रमुख रूप से मौजूद रहे. भाजपा सूत्रों के अनुसार बताया गया कि 13 या 14 जनवरी को भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पर केंद्रीय चुनाव समिति और संसदीय बोर्ड की बैठक होगी. जिसमें राज्य चुनाव समति की ओर से भेजे गए उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगने के बाद रणनीति के हिसाब से पार्टी संबंधित तिथियों पर सूची जारी करेगी. Also Read - दिल्ली में आप की 'चाल' ने ध्वस्त किए मंसूबे, BJP सत्ता में आती तो कत्ले-आम मच जाता: योगेंद्र यादव

भाजपा में वरिष्ठ नेताओं का एक खेमा जहां 14 जनवरी को नामांकन शुरू होने से पहले ही उम्मीदवारों की सूची घोषित करने के पक्ष में है, वहीं दूसरे खेमे का मानना है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद पार्टी को उम्मीदवारों के नाम की घोषणा करनी चाहिए. इससे भाजपा को विरोधी दलों के उम्मीदवारों की मजबूती का आकलन करने का समय मिल जाएगा और उस हिसाब से जिताऊ उम्मीदवार खड़ा करने में आसानी होगी. सूत्रों का कहना है कि अगर भाजपा दोनों दलों की सूची के इंतजार में पड़ी तो फिर 15 से 19 जनवरी के बीच उम्मीदवारों की सूची घोषित हो पाएगी. Also Read - दिल्ली में करारी हार के बाद BJP बदलेगी प्रदेश अध्यक्ष, मनोज तिवारी को छोड़ना पड़ सकता है पद!