
Gargi Santosh
मेरा नाम गार्गी संतोष है. मुझे मीडिया क्षेत्र में काम करते हुए चार साल हो चुके हैं. इस समय मैं Zee Media के India.com में सब एडिटर के रूप में ... और पढ़ें
दिल्ली में जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, वैसे-वैसे बेघर लोगों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी और बड़ी हो जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सर्दियों की तैयारियों पर एक बड़ी समीक्षा बैठक की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी नागरिक खुले आसमान के नीचे ठंड में रात बिताने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए. राजधानी में इस समय 197 स्थायी रैन बसेरे पूरी तरह से चल रहे हैं, जिनमें करीब 18,000 लोगों को ठहराने की क्षमता है. इसके अलावा जिन इलाकों में ज़रूरत है, वहां अस्थायी रैन बसेरों की भी व्यवस्था की जा रही है. 250 में से 204 अस्थायी रैन बसेरे पहले ही तैयार हैं और सभी में जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध करा दी गई हैं.
मुख्यमंत्री ने इस बार विंटर एक्शन प्लान का दायरा और बड़ा कर दिया है. उन्होंने निर्देश दिया है कि अस्पतालों में मरीजों के लिए कंबल, हीटर और गर्म कपड़ों जैसी जरूरतों की कोई कमी नहीं होनी चाहिए. इसके साथ ही स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है. सरकार ने विभागों से कहा है कि बच्चों को ठंड से बचाने के उपाय तुरंत चिन्हित करके लागू किए जाएं. आंगनबाड़ी और बाल देखभाल केंद्रों में भी गर्म कपड़ों, हीटरों और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है ताकि छोटे बच्चों को सर्दी से बचाया जा सके.
दिल्ली सरकार ने केवल बेघरों या बच्चों ही नहीं, बल्कि सरकारी इमारतों में तैनात सुरक्षा गार्डों के लिए भी खास तैयारी की है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिए कि सभी सुरक्षा गार्डों को हीटर, गर्म कपड़े और अन्य आवश्यक सुरक्षा साधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएं. उन्होंने कहा कि ठंड में ड्यूटी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, इसलिए यह जरूरी है कि सुरक्षा कर्मियों को पूरी सुविधा मिले. साथ ही सभी रैन बसेरों में बिजली, साफ पानी, सीसीटीवी कैमरा, महिलाओं के लिए अलग सुरक्षा व्यवस्था और मच्छर नियंत्रण जैसे उपाय लागू किए गए हैं, ताकि वहां रहने वाले लोगों को एक सुरक्षित माहौल मिल सके.
दिल्ली सरकार ने बेघरों की सुरक्षा को ट्रैक करने के लिए ‘रेन बसेरा’ मोबाइल ऐप को भी प्रभावी ढंग से सक्रिय किया है. यह ऐप रियल-टाइम में जानकारी देता है कि किस रैन बसेरे में कितनी जगह उपलब्ध है और किसे कहां भेजा जा सकता है. अधिकारियों ने बताया कि सभी आश्रय स्थलों की निगरानी 15 मार्च तक लगातार की जाएगी, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति रैन बसेरे तक न पहुंच पाने की वजह से ठंड में परेशान न हो. बैठक के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर बताया कि इस बार की विंटर एक्शन प्लान में बेघरों, मरीजों, बच्चों और सुरक्षा कर्मियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. रैन बसेरों को केवल एक आश्रय नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा का स्थान बताया गया है.
(इनपुट-एजेंसी के साथ)
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