नई दिल्‍ली: देश की राजधानी दिल्‍ली के सभी बॉर्डर आज से खोल दिए गए हैं. आज सुबह से दिल्‍ली से लगे गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, आदि से वाहनों की आवाजाही- बेरोक-टोक शुरू हो गई है. निषिद्ध क्षेत्र से बाहर चरणबद्ध रूप से दी जाने वाली छूट आज से शुरू हो गई है.Also Read - Chhath Puja 2021: दिल्ली में छठ पूजा पर से हट सकती है रोक! कोरोना पर चर्चा के लिए 27 अक्टूबर को बैठक करेगी DDMA

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वहीं, लॉकडाउन के दौरान करीब दो महीने तक बंद रहने के बाद आज से से देश में शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल, होटल और रेस्तरां फिर से खुल गए हैं, जिनमें नए नियमों के तहत प्रवेश के लिए टोकन प्रणाली जैसी प्रणालियां होंगी, वहीं मंदिरों में ‘प्रसाद’ आदि का वितरण नहीं होगा. दिल्‍ली में सुबह से झंडेवालां इलाके में स्थित मंदिर में श्रद्धालु पहुंचे और दर्शन किए, शीश महल गुरुद्वार भी आज से खुल गया है और जामा मस्जिद भी खोल दी गई है. Also Read - ASI illuminates 100 Monuments: 100 करोड़ वैक्सीनेशन का जश्न, तिरंगे के रंग में डूबीं देश की ऐतिहासिक धरोहरें, देखें Pics

बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को घोषणा की थी शहर की सीमाएं सोमवार से फिर खुल जाएंगी. केजरीवाल ने ऑनलाइन ब्रीफिंग में कहा था, हम कल दिल्ली की सीमाएं खोलने जा रहे हैं. मॉल, रेस्तरां और धार्मिक स्थल खुलेंगे लेकिन होटल और बैंक्वेट हॉल बंद रहेंगे, क्योंकि हमें आने वाले समय में उन्हें अस्पतालों में तब्दील करना पड़ सकता है.”

लॉकडाउन से बाहर निकलने के क्रम में मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के साथ सभी गैर-निरुद्ध क्षेत्रों में प्रतिबंधित गतिविधियां बहाल करने के लिए तीन चरणों की योजना के तहत पहला दौर ‘अनलॉक-1’ के रूप में सोमवार से शुरू हो गया है.


दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि ऐतिहासिक मस्जिद सोमवार से खुलेगी जिसमें सुरक्षा के सभी कदम उठाए गए हैं. उन्होंने हालांकि कहा कि सरकार को कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर धार्मिक स्थलों को खोलने पर पुनर्विचार करना चाहिए. बुखारी ने कहा कि लोगों से कहा गया है कि वे मस्जिद में नमाज के लिए आने से पहले अपने घर में ही वजू करें.

मस्जिद में वजू के काम आनी वाली हौज खाली कर दी गई है, नमाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दरियां हटा दी गई हैं और लोग अपने घरों से चटाई लेकर आएंगे. एक-दूसरे के शरीर से दूरी बरकरार रखने के लिए फर्श पर निशान बनाए गए हैं, ताकि लोगों के बीच पर्याप्त दूरी रह सके. उन्होंने कहा कि सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को मस्जिद आने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सीसगंज, रकाबगंज और बंगला साहिब गुरद्वारों में भी संक्रमणमुक्ति सुरंग स्थापित की गई हैं. सिरसा ने कहा, समूचे परिसरों को नियमित तौर पर संक्रमणमुक्त किया जा रहा है. जिस स्थान पर लोग गुरु ग्रंथ साहिब को नमन करते हैं, उस स्थान पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है. एक-दूसरे के शरीर से दूरी सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश और निकास बिंदुओं की संख्या बढ़ा दी गई है.

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने कहा कि लोगों को सिर ढंकने के लिए कपड़ा नहीं दिया जाएगा, उन्हें अपना खुद का कपड़ा सिर पर रखना होगा. गुरुद्वारे में जूते-चप्पल संभालने का काम नहीं होगा और पैरों को साफ करने के लिए संक्रमणमुक्त पानी का इस्तेमाल किया जाएगा. सिरसा ने कहा कि श्रद्धालुओं को गुरुद्वारों में बैठने की अनुमति नहीं होगी और अरदास करने के तुरंत बाद उन्हें बाहर जाना होगा. बिशप अनिल कोउतो, दिल्ली, आर्चडियोसीज ने कहा कि रोमन कैथलिक चर्च के तहत आने वाले गिरजाघर सोमवार से तत्काल नहीं खुलेंगे.