
Gaurav Barar
गौरव बरार (Gaurav Barar) एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट विशेषज्ञ हैं जिनके पास 10 साल से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में, इंडिया.कॉम में बतौर चीफ सब एडिटर अपनी सेवाएं ... और पढ़ें
Delhi New Car Rules: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. राजधानी में 1 नवंबर 2025 से अब सिर्फ BS-VI (बीएस-6) उत्सर्जन मानक पर खरी उतरने वाली वाणिज्यिक मालवाहक गाड़ियों को ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी.
आदेश के अनुसार, दिल्ली के बाहर पंजीकृत और बीएस-VI मानदंडों का अनुपालन न करने वाले सभी वाणिज्यिक माल वाहनों को 1 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा. दिल्ली सरकार का यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के बाद लिया गया है. सर्दियों के महीनों में जब दिल्ली-एनसीआर की हवा सबसे अधिक प्रदूषित हो जाती है, तब यह नियम प्रदूषण को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है.
दिल्ली परिवहन विभाग की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि 1 नवंबर 2025 से केवल BS-VI मानक वाली कमर्शियल गाड़ियां ही राजधानी की सीमाओं में प्रवेश कर सकेंगी. इसका उद्देश्य है कि पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों से निकलने वाले धुएं को सीमित किया जा सके.
BS-VI तकनीक पहले के मुकाबले कहीं अधिक स्वच्छ इंजन तकनीक है, जो पार्टिकुलेट मैटर (PM) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) जैसे हानिकारक तत्वों का उत्सर्जन 70–80% तक कम कर देती है. इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा.
सरकार ने फिलहाल BS-IV डीजल गाड़ियों को कुछ राहत दी है. दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-IV वाहनों को 31 अक्टूबर 2026 तक राजधानी में चलने की अनुमति दी गई है. इसके बाद इन गाड़ियों का प्रवेश भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा. यानी, अगले साल तक दिल्ली की सीमाओं में सिर्फ BS-VI, CNG, LNG या इलेक्ट्रिक वाहन ही चल सकेंगे.
नए आदेश के तहत कुछ वाहनों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है- दिल्ली में पंजीकृत सभी वाणिज्यिक मालवाहक गाड़ियां, BS-VI मानक वाली डीजल गाड़ियां, BS-IV डीजल गाड़ियां (केवल 31 अक्टूबर 2026 तक), CNG, LNG और इलेक्ट्रिक वाहन. इन वाहनों को नियम लागू होने के बाद भी दिल्ली में प्रवेश की अनुमति बनी रहेगी.
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू किए गए सभी प्रदूषण नियंत्रण उपाय प्रभावी रहेंगे. यानी जब भी दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता गिरती है, तब स्वचालित रूप से वाहन प्रतिबंध, निर्माण कार्य पर रोक और अन्य उपाय GRAP के विभिन्न चरणों के तहत लागू हो जाएंगे.
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 17 अक्टूबर को हुई बैठक में यह फैसला किया था. हर साल अक्टूबर से जनवरी के बीच दिल्ली में प्रदूषण का स्तर “गंभीर” श्रेणी तक पहुंच जाता है. इसका कारण वाहनों का उत्सर्जन, पराली जलाना और ठंडी हवा के कारण प्रदूषक कणों का वातावरण में ठहर जाना है.
सरकार का मानना है कि BS-VI मानक को सख्ती से लागू करने से वाहनों से निकलने वाला धुआं और हानिकारक गैसें काफी कम होंगी. इससे राजधानी की हवा को कुछ हद तक स्वच्छ और सांस लेने लायक बनाने में मदद मिलेगी. दिल्ली सरकार का यह कदम सर्दियों से पहले उठाया गया एक प्री-एम्प्टिव एक्शन है.
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