नई दिल्ली. मंगलवार को संसद में हंगामा दिखाई दिया. भारी शोर शराबे के बाद लोकसभा की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. लोकसभा के बाद राज्यसभा में जोरदार बवाल मचता नजर आया. मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को उत्तर प्रदेश में हो रहे दंगों पर मायावती ने राज्यसभा में तीखी प्रतिक्रिया दी. इस बीच समय की कमी के कारण सभापति ने उन्हें बोलने से रोका तो उन्होंने इस्तीफे की धमकी दे दी.

मायावती ने कहा, मैं जिस समाज से आती हूं यदि उनके हित की बात आगे नहीं रख सकती तो मुझे राज्यसभा में बने रहने का अधिकार नहीं है. इसके बाद वह राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करते हुए वह सदन से बाहर चली गईं.

मायावती ने राज्य सभा में सहारनपुर हिंसा को दलित कांड बताया और कहा कि यह बीजेपी की साजिश है. उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर घटना पर पर्दा डालने का आरोप लगाया. मायावती की धमकी के बाद बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, मायावती ने इस्तीफे की धमकी देकर चेयर का अपमान किया है. उन्हें माफी मांगनी चाहिए.

सदन में विपक्ष ने खूब नारेबाजी की. पीएम मोदी के खिलाफ नारे लगाए गए. इसके बाद सदन में नेता विपक्ष ने कहा, ‘विपक्ष राष्ट्र से संबंधित मुद्दों को उठाना चाहता है, हम बाधा नहीं चाहते हैं.’ हंगामे के बाद राज्यसभा को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. इसके पहले, लोकसभा की कार्यवाही को भारी हंगामे के बीच स्थगित कर दिया गया था. गौरक्षा और किसानों के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ हंगामा मचाया.