नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय को एक गुमनाम ईमेल मिला है जिसमें उनकी बेटी के अपहरण की धमकी दी गई है. सूत्रों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी.सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय को नौ जनवरी को एक गुमनाम ईमेल मिला जिसे दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक को भेज दिया गया है.उत्तरी दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल की बेटी के साथ एक सुरक्षा अधिकारी तैनात कर दिया है.

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने ई-मेल मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि इसे पुलिस की विशेष इकाई की साइबर शाखा को सौंप दिया गया है, जो इसका विश्लेषण और ईमेल का आईपी एड्रेस पता लगाने का प्रयास कर रही है. सरकार के अधिकारी ने कहा, दिल्ली सरकार ने धमकी भरे ईमेल को तीन दिन पहले दिल्ली पुलिस आयुक्त को भेज दिया है. अधिकारी ने कहा कि दिल्ली सरकार को अभी तक पुलिस की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई है.

गौरतलब है कि एक अन्य मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने आप नेता अरिवंद केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक मामले में मुकदमा चलने के आधार पर उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिये दायर याचिका मंगलवार को खारिज कर दी. मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वी के राव की पीठ ने कहा कि इस मामले में मुकदमा अभी भी लंबित है और निर्वाचित सदस्यों को इस तरह से हटाया नहीं जा सकता. पीठ ने कहा कि मुकदमा अब भी चल रहा है. वह बरी हो सकते हैं. तब आप क्या करेंगे? आप उनके दोषी ठहराए जाने के बाद आएं. पीठ ने कहा, ‘इसके कुछ दम नहीं है, इसे खारिज किया जाता है.

अदालत अधिवक्ता हरिनाथ राम की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उपराज्यपाल को केजरीवाल और दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर हमले से जुड़े आपराधिक मामले में आरोपी अन्य मंत्रियों को तुरंत बर्खास्त करने का निर्देश देने की मांग की गई थी.याचिका में आरोप लगाया गया कि केजरीवाल ने संविधान के तहत ली गई शपथ का उल्लंघन किया क्योंकि वह अन्य निर्वाचित सदस्यों के साथ साजिश रचकर हिंसा के कृत्यों में कथित रूप से संलिप्त हुए.